HSLC Guru में आपका स्वागत है। इस लेख में हम ASSEB (असम राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) Class 8 Hindi Elective (पल्लव भाग-3) के पाठ 9 – “जैसे को तैसे” के सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पाठ अकबर-बीरबल की परंपरा पर आधारित एक रोचक और शिक्षाप्रद कहानी है जो यह संदेश देती है कि दूसरों के साथ बुरा करने पर उसका परिणाम स्वयं को भी भोगना पड़ता है। यहाँ आपको पाठ-परिचय, पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर, अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर तथा शब्दार्थ सभी एक साथ मिलेंगे। यह सामग्री ASSEB परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
पाठ-परिचय (Summary)
“जैसे को तैसे” एक प्रसिद्ध अकबर-बीरबल शैली की हास्यपूर्ण एवं नीति-कथा है। इस कहानी के मुख्य पात्र हैं — एक कुम्हार, एक धोबी, बादशाह अकबर और उनके बुद्धिमान मंत्री बीरबल। कहानी की शुरुआत होती है जब धोबी का गधा कुम्हार के आँगन में घुस आता है और सूखने के लिए रखे कच्चे घड़ों को चबा-चबाकर तोड़ देता है। कुम्हार को बहुत हानि होती है क्योंकि उसे एक व्यापारी (ग्राहक) को समय पर बर्तन देने थे। कुम्हार क्रोध से भर जाता है और धोबी से बदला लेने की ठान लेता है।
बदला लेने के लिए कुम्हार एक चालाक योजना बनाता है। वह बादशाह अकबर के दरबार में पहुँचकर कहता है कि ईरान के शाह के यहाँ बहुत सुंदर और स्वच्छ सफेद हाथी हैं, जबकि हिंदुस्तान के हाथी काले और मैले-कुचैले हैं। कुम्हार कहता है कि यदि बादशाह की आज्ञा हो तो पास में ही एक धोबी रहता है जो हाथियों को रगड़-रगड़कर साफ कर सकता है। बादशाह अकबर को यह बात जँच जाती है और वे धोबी को तुरंत हाथियों को सफेद करने का आदेश दे देते हैं।
बेचारा धोबी यह सुनकर घबरा जाता है। वह जानता है कि हाथी को रगड़ने से वह सफेद नहीं होगा — यह एक असंभव काम है। धोबी सारा दिन हाथियों को रगड़ता है, लेकिन हाथी काले के काले ही रहते हैं। थका-हारा धोबी बीरबल के महल की ओर मदद माँगने जाता है। बुद्धिमान बीरबल पूरी बात सुनकर धोबी को एक तरकीब सुझाते हैं — धोबी बादशाह से निवेदन करे कि हाथियों को नहलाने के लिए एक बहुत बड़ा मिट्टी का टब चाहिए, और वह टब उस कुम्हार से ही बनवाया जाए।
धोबी बादशाह के दरबार में जाकर ठीक वैसा ही निवेदन करता है। बादशाह कुम्हार को बुलाकर हाथी के नहाने के लिए एक विशाल टब बनाने का आदेश देते हैं। अब कुम्हार की बारी आती है। वह एक बड़ा टब बनाता है, लेकिन जैसे ही हाथी उस पर पैर रखता है, टब चूर-चूर हो जाता है। कुम्हार को बार-बार टब बनाना पड़ता है और बार-बार वह टूट जाता है। इस तरह कुम्हार खुद अपनी बनाई चाल में फँस जाता है। बीरबल की सूझ-बूझ से धोबी को इस मुसीबत से छुटकारा मिलता है और कुम्हार को उसकी करतूत का फल मिल जाता है। कहानी का संदेश है — “जैसे को तैसे” अर्थात जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह खुद उसमें गिरता है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर (Textbook Questions and Answers)
अभ्यास-माला
1. प्रस्तुत कहानी को अपने शब्दों में कक्षा में सुनाओ।
उत्तरः एक बार धोबी का गधा कुम्हार के घर में घुस गया और वहाँ सूखने के लिए रखे कच्चे घड़ों को तोड़ दिया। कुम्हार बहुत क्रोधित हुआ क्योंकि उसे समय पर एक व्यापारी को बर्तन देने थे। बदला लेने के लिए कुम्हार बादशाह अकबर के दरबार में गया और कहा कि ईरान के हाथी बहुत सफेद होते हैं, इसलिए पास के धोबी से हिंदुस्तानी हाथियों को साफ करवाया जाए। बादशाह ने धोबी को हाथी साफ करने का आदेश दिया। धोबी घबरा गया और बीरबल के पास गया। बीरबल ने सुझाव दिया कि हाथी को नहलाने के लिए मिट्टी का बड़ा टब चाहिए जो उसी कुम्हार से बनवाया जाए। बादशाह ने कुम्हार को टब बनाने का आदेश दिया। हाथी के बोझ से टब बार-बार टूटता रहा। इस तरह कुम्हार अपनी ही चाल में फँस गया — जैसे को तैसे।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दो —
क) कुम्हार को धोबी के गधे पर गुस्सा क्यों आया?
उत्तरः धोबी के गधे ने कुम्हार के आँगन में घुसकर सूखने के लिए रखे कच्चे घड़ों को चबाकर और तोड़कर बर्बाद कर दिया। कुम्हार को एक व्यापारी को समय पर बर्तन देने थे, इसलिए इस नुकसान से उसे बहुत क्रोध आया।
ख) कुम्हार धोबी को सबक क्यों सिखाना चाहता था?
उत्तरः धोबी की लापरवाही के कारण उसके गधे ने कुम्हार के सभी कच्चे बर्तन तोड़ दिए थे जिससे कुम्हार को आर्थिक हानि हुई और वह व्यापारी को समय पर बर्तन नहीं दे सका। इसलिए कुम्हार धोबी को उसकी इस लापरवाही का सबक सिखाना चाहता था।
ग) दरबार में कुम्हार ने बादशाह से क्या कहा?
उत्तरः दरबार में कुम्हार ने बादशाह अकबर से कहा कि ईरान के शाह के पास बहुत सुंदर और स्वच्छ सफेद हाथी हैं, जबकि हिंदुस्तान के हाथी काले और मैले-कुचैले दिखते हैं। उसने सुझाव दिया कि पास में जो धोबी रहता है, उससे शाही हाथियों को रगड़वाकर साफ-सफेद करवाया जा सकता है।
घ) धोबी घबराया क्यों?
उत्तरः बादशाह अकबर ने धोबी को हाथियों को सफेद करने का आदेश दिया। धोबी घबरा गया क्योंकि वह जानता था कि हाथी की स्वाभाविक रंगत काली होती है और रगड़ने-धोने से वह सफेद नहीं होगा। यह काम उसके लिए बिल्कुल असंभव था, और यदि वह यह काम न कर सका तो बादशाह से सजा मिल सकती थी।
ङ) धोबी ने बादशाह के सामने क्या सुझाव रखा?
उत्तरः बीरबल की सलाह पर धोबी ने बादशाह के सामने निवेदन किया कि हाथियों को ठीक से नहलाने-धुलाने के लिए एक बहुत बड़े मिट्टी के टब की जरूरत है। उसने यह भी कहा कि यह टब उसी कुम्हार से बनवाया जाए जिसने यह सुझाव दिया था।
च) क्या कुम्हार की चाल सफल हुई? क्यों नहीं?
उत्तरः नहीं, कुम्हार की चाल सफल नहीं हुई। बीरबल की सूझ-बूझ ने कुम्हार की ही चाल उस पर उल्टी कर दी। बादशाह ने कुम्हार को हाथी के लिए बड़ा मिट्टी का टब बनाने का आदेश दिया। हाथी के भारी वजन से टब बार-बार टूट जाता था। इस तरह कुम्हार खुद ही अपनी साजिश का शिकार बन गया।
छ) धोबी किसके पास मदद माँगने गया और उसे क्या सुझाव मिला?
उत्तरः धोबी बुद्धिमान बीरबल के पास मदद माँगने गया। बीरबल ने पूरी बात सुनकर धोबी को सुझाव दिया कि वह बादशाह से निवेदन करे कि हाथियों को नहलाने के लिए एक बहुत बड़ा मिट्टी का टब चाहिए और यह टब उसी कुम्हार से बनवाया जाए। यह सुझाव बहुत कारगर सिद्ध हुआ।
ज) इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तरः इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें दूसरों के साथ बुरा नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति दूसरों को हानि पहुँचाने की साजिश रचता है, उसे अंत में स्वयं उसका फल भुगतना पड़ता है। “जैसे को तैसे” — अर्थात जो दूसरों के लिए जाल बिछाता है, वह खुद उसमें फँस जाता है। अतः हमें सदा ईमानदारी और सदाचार के साथ जीवन जीना चाहिए।
3. सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरो —
(बीरबल, टब, हिफाजत, तरकीब, रेंकने)
क) गधा दर्द के कारण __________ लगा।
उत्तरः गधा दर्द के कारण रेंकने लगा।
ख) धोबी ने __________ से मुलाकात की।
उत्तरः धोबी ने बीरबल से मुलाकात की।
ग) बादशाह ने कुम्हार को हाथी के लिए मिट्टी का बड़ा __________ बनाने का आदेश दिया।
उत्तरः बादशाह ने कुम्हार को हाथी के लिए मिट्टी का बड़ा टब बनाने का आदेश दिया।
घ) बीरबल ने धोबी को एक कारगर __________ सुझाई।
उत्तरः बीरबल ने धोबी को एक कारगर तरकीब सुझाई।
ङ) धोबी ने बादशाह से अपने गधे की __________ का वादा किया।
उत्तरः धोबी ने बादशाह से अपने गधे की हिफाजत का वादा किया।
4. भाषा-अध्ययन
क) निम्नलिखित वाक्यों में ‘से’ का प्रयोग ध्यान से देखो और बताओ कि किस वाक्य में ‘से’ करण कारक है और किस में अपादान कारक —
उत्तरः
करण कारक की ‘से’ — जब ‘से’ किसी साधन या माध्यम को दर्शाता है। उदाहरण: “कुम्हार ने हाथ से टब बनाया।” (साधन = हाथ)
अपादान कारक की ‘से’ — जब ‘से’ किसी वस्तु या स्थान से अलगाव या दूरी दर्शाता है। उदाहरण: “गधा घर से भाग गया।” (अलगाव = घर से दूरी)
ख) ‘में’ और ‘पर’ का प्रयोग
उत्तरः
‘में’ — किसी स्थान के भीतर होने का बोध कराता है। उदाहरण: “गधा आँगन में घुस गया।”
‘पर’ — किसी स्थान के ऊपर या सतह पर होने का बोध कराता है। उदाहरण: “हाथी टब पर चढ़ा।”
ग) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखो (शब्दार्थ) —
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| हिफाजत | रखवाली / देखभाल / सुरक्षा |
| रेंकना | गधे का बोलना / आवाज निकालना |
| टब | मिट्टी का बड़ा बर्तन / कुंड |
| तरकीब | उपाय / चाल / युक्ति |
| ग्राहक | खरीददार / व्यापारी |
| दरबार | राजा या बादशाह का न्यायालय |
| शरारत | नटखटपन / बुरी हरकत |
| आदेश | हुक्म / निर्देश |
| बर्बाद | नष्ट / खत्म |
| हाजिर | उपस्थित / सामने |
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर (Additional Questions and Answers)
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)
प्रश्न 1. “जैसे को तैसे” पाठ किस प्रकार की कहानी है?
उत्तरः “जैसेको तैसे” एक अकबर-बीरबल शैली की हास्यपूर्ण एवं नीतिपरक कहानी है जो “जैसी करनी वैसी भरनी” का संदेश देती है।
प्रश्न 2. धोबी के गधे ने क्या किया?
उत्तरः धोबी के गधे ने कुम्हार के आँगन में घुसकर सूखने के लिए रखे कच्चे घड़ों को चबा-चबाकर और तोड़कर बर्बाद कर दिया।
प्रश्न 3. कुम्हार कहाँ गया और क्यों?
उत्तरः कुम्हार धोबी से बदला लेने के लिए एक चाल सोचकर बादशाह अकबर के दरबार में गया।
प्रश्न 4. बादशाह अकबर ने धोबी को क्या आदेश दिया?
उत्तरः बादशाह अकबर ने धोबी को आदेश दिया कि वह शाही हाथियों को रगड़-धोकर सफेद करे।
प्रश्न 5. बीरबल कौन थे?
उत्तरः बीरबल बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक थे। वे अत्यंत बुद्धिमान, चतुर और न्यायप्रिय मंत्री थे।
प्रश्न 6. कुम्हार को अंत में क्या करना पड़ा?
उत्तरः कुम्हार को अंत में हाथी के नहाने के लिए बार-बार मिट्टी का बड़ा टब बनाना पड़ा, लेकिन हाथी के भार से वह बार-बार टूट जाता था। इस तरह कुम्हार स्वयं अपनी चाल में फँस गया।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 7. कुम्हार ने बादशाह को क्या झूठी बात बताई और उसका क्या उद्देश्य था?
उत्तरः कुम्हार ने बादशाह अकबर को बताया कि ईरान के शाह के पास बहुत सुंदर सफेद हाथी हैं और हिंदुस्तान के हाथी उनकी तुलना में काले और मैले दिखते हैं। उसका उद्देश्य था कि बादशाह धोबी को हाथी सफेद करने का असंभव काम सौंपें, जिससे धोबी बेइज्जत हो और उसे सजा मिले। यह उसका धोबी से बदला लेने का तरीका था।
प्रश्न 8. बीरबल की तरकीब से धोबी को कैसे राहत मिली?
उत्तरः बीरबल ने धोबी को सलाह दी कि वह बादशाह से कहे कि हाथी को ठीक से नहलाने के लिए एक बड़ा मिट्टी का टब चाहिए और वह टब कुम्हार से ही बनवाया जाए। बादशाह ने यह बात मान ली और कुम्हार को टब बनाने का आदेश दिया। हाथी के भार से टब बार-बार टूट गया। इस तरह धोबी को असंभव काम से छुटकारा मिला और कुम्हार को ही मुसीबत झेलनी पड़ी।
प्रश्न 9. इस कहानी में बीरबल के चरित्र की क्या विशेषता उभरकर आती है?
उत्तरः इस कहानी में बीरबल के चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर आती हैं — वे अत्यंत बुद्धिमान और दूरदर्शी हैं। कमजोर और निर्दोष व्यक्ति की सहायता करना उनका स्वभाव है। वे जटिल से जटिल समस्या का सरल और न्यायसंगत समाधान निकाल लेते हैं। वे बिना किसी को दंड दिए, केवल बुद्धि के बल पर न्याय स्थापित करते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1. धोबी के गधे ने किसकी चीजें तोड़ीं?
उत्तरः (क) कुम्हार के कच्चे घड़े
प्रश्न 2. कुम्हार ने बादशाह को किस देश के हाथियों का उदाहरण दिया?
उत्तरः (ख) ईरान
प्रश्न 3. धोबी किसके पास मदद माँगने गया?
उत्तरः (ग) बीरबल
प्रश्न 4. इस कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तरः (घ) जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह स्वयं उसमें गिरता है
प्रश्न 5. कुम्हार को बादशाह ने क्या बनाने का आदेश दिया?
उत्तरः (क) मिट्टी का बड़ा टब