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मैडम मेरी क्यूरी – Class 8 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-3

यहाँ ASSEB (Assam State Board of Secondary Education) कक्षा 8 के हिंदी (तृतीय भाषा/ऐच्छिक) की पाठ्यपुस्तक पल्लव भाग-3 के पाठ 3 – मैडम मेरी क्यूरी के सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। यह पाठ विश्व की महान वैज्ञानिक मेरी क्यूरी के जीवन, संघर्ष और उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों पर आधारित एक प्रेरक जीवनी-निबंध है। मेरी क्यूरी पहली महिला थीं जिन्होंने नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया और दो बार यह सम्मान पाने वाली वे एकमात्र व्यक्ति हैं।


पाठ-परिचय (Summary)

मेरी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867 को पोलैंड की राजधानी वारसॉ में हुआ था। उनका पूरा नाम मारिया स्कोलोडोव्स्का था। उनके पिता व्लाडिस्लाव स्कोलोडोव्स्की एक विज्ञान के शिक्षक थे। मेरी बचपन से ही अत्यंत मेधावी और जिज्ञासु थीं। उस समय पोलैंड पर रूस का शासन था और उच्च शिक्षा में महिलाओं के लिए अनेक बाधाएँ थीं। पोलैंड में तत्कालीन समय में लड़कियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलता था, इसलिए मेरी और उनकी बड़ी बहन ब्रोनिया ने मिलकर एक समझौता किया — पहले ब्रोनिया पेरिस जाकर डॉक्टरी पढ़ेंगी और मेरी उनकी आर्थिक सहायता करेंगी, फिर ब्रोनिया मेरी की मदद करेंगी।

मेरी ने अपनी बहन की पढ़ाई के लिए गवर्नेस (घरेलू शिक्षिका) का काम किया और कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी। 1891 में वे पेरिस आईं और सॉर्बोन विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। यहाँ उन्होंने अत्यंत गरीबी और कठिनाई में जीवन व्यतीत किया — कभी-कभी खाने के लिए पैसे भी नहीं होते थे, ठंड में कमरे में हीटर नहीं होता था — लेकिन उनका अध्ययन के प्रति समर्पण अटल रहा। 1893 में उन्होंने भौतिकी में और 1894 में गणित में डिग्री प्राप्त की — दोनों में वे प्रथम स्थान पर रहीं।

पेरिस में ही मेरी की मुलाकात फ्रांसीसी वैज्ञानिक पियरे क्यूरी से हुई। दोनों के विचार और वैज्ञानिक रुचियाँ मिलती थीं और 1895 में दोनों ने विवाह किया। पति-पत्नी ने मिलकर यूरेनियम की रेडियोधर्मिता पर शोध शुरू किया। मेरी ने एंतोइन बेकेरेल द्वारा खोजी गई यूरेनियम की विशेष किरणों का गहन अध्ययन किया और पाया कि यह विशेषता उस तत्व की आंतरिक परमाणु प्रकृति से संबंधित है — उन्होंने इसे “रेडियोधर्मिता” (Radioactivity) नाम दिया। 1898 में उन्होंने दो नए तत्वों की खोज की — एक का नाम अपनी जन्मभूमि के सम्मान में पोलोनियम और दूसरे का रेडियम रखा।

1903 में मेरी क्यूरी, पियरे क्यूरी और हेनरी बेकेरेल को संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। मेरी क्यूरी इस पुरस्कार को पाने वाली पहली महिला बनीं। 1906 में एक दुखद दुर्घटना में पियरे क्यूरी की मृत्यु हो गई। इस असीम दुःख को सहते हुए भी मेरी ने अपना शोध नहीं छोड़ा और सॉर्बोन विश्वविद्यालय में पियरे की जगह पहली महिला प्रोफेसर बनीं। 1911 में उन्हें रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार भी मिला — इस प्रकार वे दो बार नोबेल पुरस्कार पाने वाली एकमात्र व्यक्ति बन गईं। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों के लिए चलित एक्स-रे इकाइयाँ स्थापित कीं। 4 जुलाई 1934 को अत्यधिक रेडिएशन के प्रभाव से होने वाली बीमारी (अप्लास्टिक एनीमिया) से उनका निधन हो गया। मेरी क्यूरी का जीवन नारी शक्ति, संघर्ष, लगन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है।


लेखक-परिचय (About the Author)

यह पाठ मेरी क्यूरी के जीवन पर आधारित एक जीवनी-निबंध है। मेरी क्यूरी (1867–1934) पोलैंड में जन्मी और फ्रांस में कार्यरत रहीं। वे भौतिकी और रसायन विज्ञान दोनों क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार पाने वाली एकमात्र वैज्ञानिक हैं। उन्होंने रेडियोधर्मिता की खोज की और पोलोनियम तथा रेडियम तत्वों की पहचान की। उनकी पुत्री आइरीन जोलियो-क्यूरी को भी 1935 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला, जिससे यह इतिहास का एकमात्र परिवार बना जिसमें माँ और बेटी दोनों को नोबेल पुरस्कार मिला हो।


पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर (Textbook Questions and Answers)

अभ्यास-माला

प्रश्न 1: मेरी क्यूरी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उत्तरः मेरी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867 को पोलैंड की राजधानी वारसॉ में हुआ था। उनका पूरा नाम मारिया स्कोलोडोव्स्का था।

प्रश्न 2: मेरी क्यूरी ने अपनी बहन ब्रोनिया के साथ क्या समझौता किया था?

उत्तरः मेरी और उनकी बड़ी बहन ब्रोनिया ने यह समझौता किया था कि पहले ब्रोनिया पेरिस जाकर डॉक्टरी की पढ़ाई करेंगी और मेरी उनकी आर्थिक सहायता के लिए नौकरी करेंगी। जब ब्रोनिया की पढ़ाई पूरी हो जाएगी, तब वे मेरी की पढ़ाई में मदद करेंगी। इस प्रकार दोनों बहनों ने मिलकर एक-दूसरे की सहायता करने का वचन लिया।

प्रश्न 3: पेरिस में पढ़ाई के दौरान मेरी को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?

उत्तरः पेरिस में पढ़ाई के दौरान मेरी को अत्यंत गरीबी और कठिनाई का सामना करना पड़ा। उनके पास खाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते थे। सर्दियों में उनके कमरे में हीटर नहीं था और वे कंबल ओढ़कर ठिठुरती हुई पढ़ाई करती थीं। पर्याप्त भोजन और सुविधाओं के अभाव में भी उन्होंने हार नहीं मानी और पढ़ाई जारी रखी।

प्रश्न 4: मेरी क्यूरी ने सॉर्बोन विश्वविद्यालय में क्या उपलब्धियाँ हासिल कीं?

उत्तरः मेरी क्यूरी ने सॉर्बोन विश्वविद्यालय में 1893 में भौतिकी में डिग्री प्राप्त की और वे प्रथम स्थान पर रहीं। अगले ही वर्ष 1894 में उन्होंने गणित में भी डिग्री ली और इसमें भी वे प्रथम स्थान पर रहीं। इस प्रकार उन्होंने दो विषयों में प्रथम स्थान प्राप्त करके अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रश्न 5: एक वाक्य में उत्तर लिखो।

(क) मेरी के पिता कौन थे?

उत्तरः मेरी के पिता व्लाडिस्लाव स्कोलोडोव्स्की एक विज्ञान के शिक्षक थे।

(ख) मेरी ने किससे विवाह किया?

उत्तरः मेरी ने फ्रांसीसी वैज्ञानिक पियरे क्यूरी से विवाह किया।

(ग) “रेडियोधर्मिता” शब्द किसने दिया?

उत्तरः “रेडियोधर्मिता” (Radioactivity) शब्द मेरी क्यूरी ने दिया।

(घ) पोलोनियम का नाम किस आधार पर रखा गया?

उत्तरः पोलोनियम का नाम मेरी की जन्मभूमि पोलैंड के सम्मान में रखा गया।

(ङ) मेरी क्यूरी को पहली बार नोबेल पुरस्कार कब मिला?

उत्तरः मेरी क्यूरी को पहली बार 1903 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला।

(च) मेरी क्यूरी का निधन कब और किस कारण हुआ?