HSLC Guru

बाढ़ का मुकाबला – Class 8 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-3

असम बोर्ड (ASSEB) की कक्षा 8 की हिंदी ऐच्छिक पाठ्यपुस्तक पल्लव भाग-3 का बारहवाँ पाठ “बाढ़ का मुकाबला” एक प्रेरणादायक रिपोर्ताज है जो बाढ़-पीड़ित समुदाय की संघर्षगाथा को प्रस्तुत करता है। इस पाठ में समीरण और उसके साथियों द्वारा बाढ़ की विभीषिका का सामना करने, राहत शिविर की दयनीय स्थिति को उजागर करने और प्रशासन से मदद प्राप्त करने की कहानी बड़े सजीव ढंग से कही गई है। यहाँ इस पाठ के पाठ-परिचय, पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर और अतिरिक्त महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं।


पाठ-परिचय (Summary)

यह पाठ सावन के महीने की पृष्ठभूमि पर आधारित है जब कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही थी। धनशिरी नदी का तटबंध टूट जाने के कारण गोलाघाट जिले में स्थित समीरण के गाँव और उसके आस-पास के इलाकों में भयंकर बाढ़ आ गई। रातों-रात पूरे गाँव में पानी भर आया और लोगों के घर पानी में डूब गए। समीरण को भी पहली बार बाढ़ के तांडव का असली एहसास तब हुआ जब उसका खुद का घर पानी के नीचे आ गया।

बाढ़ पीड़ितों को गाँव के माध्यमिक विद्यालय में बने राहत शिविर में ठहराया गया था। परंतु इस राहत शिविर की स्थिति बेहद दयनीय थी — वहाँ खाद्य सामग्री, पेयजल, कपड़े और दवाइयों का अभाव था। नहाने के लिए पानी नहीं था, बिजली नहीं थी और गंदगी बढ़ते-बढ़ते इतनी हो गई थी कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा था। मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मँडराने लगा था।

इन विकट परिस्थितियों को देखकर समीरण और उसकी सहेली रश्मि, तथा उनके साथी अब्दुल और मृदुल ने कुछ ठोस कदम उठाने का निर्णय किया। परमानंद दास जी की अध्यक्षता में एक बाढ़ राहत संबंधी सभा बुलाई गई। सभा में यह तय हुआ कि जिला उपायुक्त को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए एक आवेदन पत्र लिखा जाए और साथ ही स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा तकनीकी विभाग को शिकायती पत्र दिया जाए।

समीरण और रश्मि ने माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री बरूवा जी की मदद से यह सभी पत्र ठीक से लिखे। उन्होंने आवेदन-पत्र में राहत शिविर की बदतर स्थिति का विस्तार से वर्णन किया और बिजली, पेयजल, भोजन तथा दवाइयों की व्यवस्था करने का आग्रह किया। शिकायती पत्र में मच्छरों के प्रकोप और मलेरिया के खतरे का उल्लेख करते हुए गंदगी साफ करवाने और डी.डी.टी. का छिड़काव करवाने की माँग रखी गई। जिला उपायुक्त ने इन पत्रों पर तुरंत कार्रवाई की और उनके आदेश के अनुसार राहत सामग्री सहित सभी मूलभूत सुविधाएँ शिविर में उपलब्ध करा दी गईं। तब जाकर बाढ़ पीड़ितों ने राहत की साँस ली।

यह पाठ छात्रों को सामूहिक प्रयास, नागरिक जागरूकता, प्रशासनिक संवाद और आपदा प्रबंधन का महत्व सिखाता है। यह भी दर्शाता है कि समस्याओं का सामना करने के लिए संगठित और विचारशील ढंग से काम करना कितना आवश्यक है।


पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर (Textbook Questions and Answers)

बोध एवं विचार

1. पूर्ण वाक्य में उत्तर दो

(क) पाठ में किस महीने का उल्लेख है?

उत्तरः पाठ में सावन के महीने का उल्लेख है।

(ख) समीरण का गाँव किस जिले में था?

उत्तरः समीरण का गाँव गोलाघाट जिले में था।

(ग) समीरण के गाँव के किनारे कौन-सी नदी बहती है?

उत्तरः समीरण के गाँव के किनारे धनशिरी नदी बहती है।

(घ) बाढ़ पीड़ितों को कहाँ ठहराया गया?

उत्तरः बाढ़ पीड़ितों को गाँव के माध्यमिक विद्यालय में बने राहत शिविर में ठहराया गया।

(ङ) बाढ़ राहत सभा के अध्यक्ष कौन थे?

उत्तरः बाढ़ राहत सभा के अध्यक्ष परमानंद दास जी थे।

(च) समीरण के सहयोगी कौन थे?

उत्तरः समीरण के सहयोगी अब्दुल और मृदुल थे।

(छ) आवेदन-पत्र किसे लिखा गया था?

उत्तरः आवेदन-पत्र जिला उपायुक्त को लिखा गया था।

(ज) आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र ठीक से पढ़ने में किसने मदद की?

उत्तरः आवेदन-पत्र और शिकायती पत्र ठीक से पढ़ने में माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री बरूवा जी ने मदद की।

(झ) कुल कितने पत्र लिखे गए थे?

उत्तरः कुल दो पत्र लिखे गए थे — एक आवेदन-पत्र और एक शिकायती पत्र।

2. अति संक्षिप्त उत्तर दो (लगभग 25 शब्दों में)

(क) समीरण के गाँव में बाढ़ कैसे आई?

उत्तरः सावन का महीना था और कई दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। धनशिरी नदी का तटबंध टूट गया, जिससे समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्र में भयंकर बाढ़ आ गई।

(ख) राहत शिविर में किन-किन चीजों का अभाव था?

उत्तरः राहत शिविर में खाद्य सामग्री, पेयजल, कपड़े, दवाइयाँ, नहाने के लिए पानी और बिजली का अभाव था। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा था।

(ग) बाढ़ राहत सभा में क्या-क्या निर्णय लिए गए?

उत्तरः सभा में निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री मुहैया कराने हेतु जिला उपायुक्त को आवेदन-पत्र दिया जाए और स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग तथा तकनीकी विभाग को शिकायती पत्र प्रदान किया जाए।

(घ) शिकायती पत्र किस विषय में लिखा गया था?

उत्तरः शिकायती पत्र में गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे का उल्लेख था। इसमें गंदगी हटाने और डी.डी.टी. के छिड़काव की माँग की गई थी।

(ङ) बाढ़ पीड़ितों ने कब राहत की साँस ली?

उत्तरः बाढ़ पीड़ितों ने तब राहत की साँस ली जब जिला उपायुक्त के आदेश पर प्रशासन ने राहत शिविर में राहत सामग्री समेत सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करा दीं।

3. संक्षिप्त उत्तर दो (लगभग 50 शब्दों में)

(क) समीरण को बाढ़ के तांडव का असली एहसास कब हुआ?

उत्तरः समीरण को बाढ़ के तांडव का असली एहसास तब हुआ जब उसका खुद का घर पानी के नीचे डूब गया। इससे पहले वह बाढ़ की विभीषिका को केवल बाहर से देख रहा था, परंतु जब स्वयं की छत पानी में समा गई तब उसे वास्तव में समझ आया कि बाढ़ का प्रकोप कितना भयंकर होता है।

(ख) पाठ में उल्लिखित राहत शिविर की स्थिति का वर्णन करो।

उत्तरः राहत शिविर की स्थिति बेहद दयनीय थी। वहाँ खाद्य सामग्री, पेयजल, कपड़ों और दवाइयों का अभाव था। नहाने के लिए पानी नहीं था, बिजली नहीं थी। चारों ओर गंदगी फैली हुई थी जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा था और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मँडरा रहा था।

(ग) समीरण और रश्मि ने आवेदन-पत्र में क्या लिखा?

उत्तरः समीरण और रश्मि ने आवेदन-पत्र में राहत शिविर की दयनीय स्थिति का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने जिला उपायुक्त से अनुरोध किया कि शिविर में पेयजल, भोजन, कपड़े, दवाइयाँ तथा बिजली की व्यवस्था की जाए और बाढ़ पीड़ितों को जल्द-से-जल्द सभी मूलभूत सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँ।

(घ) इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तरः इस पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी भी संकट का सामना मिलकर और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए तो उसका समाधान निकलता है। समीरण और उसके साथियों ने बाढ़ से घबराने की बजाय शांतचित्त से संगठित होकर काम किया, सभा बुलाई, पत्र लिखे और सरकारी सहायता प्राप्त की। नागरिक जागरूकता और सामूहिक प्रयास ही आपदा प्रबंधन की कुंजी है।

4. सम्यक् उत्तर दो (लगभग 100 शब्दों में)

(क) “बाढ़ का मुकाबला” पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखो।

उत्तरः “बाढ़ का मुकाबला” एक प्रेरक रिपोर्ताज है जो बाढ़-पीड़ित समुदाय के साहस और संघर्ष को चित्रित करता है। सावन में मूसलाधार बारिश से धनशिरी नदी का तटबंध टूट गया और समीरण के गाँव में भयंकर बाढ़ आ गई। बाढ़ पीड़ितों को विद्यालय में बने राहत शिविर में रखा गया, लेकिन वहाँ खाने-पीने, कपड़े, दवाइयाँ और बिजली — सब कुछ का अभाव था।

इस संकट से उबरने के लिए समीरण, रश्मि, अब्दुल और मृदुल ने परमानंद दास जी की अध्यक्षता में एक सभा बुलाई। सभा में तय हुआ कि जिला उपायुक्त को आवेदन-पत्र और विभिन्न सरकारी विभागों को शिकायती पत्र लिखा जाए। प्रधानाध्यापक बरूवा जी की मदद से ये पत्र तैयार किए गए। उपायुक्त ने तुरंत कार्रवाई की और शिविर में सभी सुविधाएँ उपलब्ध करा दी गईं। इस पाठ का मुख्य संदेश है कि सामूहिक प्रयास और नागरिक सजगता से किसी भी आपदा का डटकर मुकाबला किया जा सकता है।

(ख) बाढ़ की विभीषिका का वर्णन करते हुए बताओ कि इस पाठ में प्रशासन और समाज के बीच किस प्रकार का सहयोग दिखाया गया है।

उत्तरः इस पाठ में बाढ़ की विभीषिका बड़े सजीव ढंग से चित्रित की गई है। सावन की मूसलाधार बारिश, धनशिरी का टूटा तटबंध और रातों-रात पूरे गाँव में भर आया पानी — ये सब मिलकर एक भयावह स्थिति उत्पन्न करते हैं। लोगों के घर पानी में डूब जाते हैं और उन्हें विद्यालय में शरण लेनी पड़ती है। वहाँ भी बुनियादी सुविधाओं का नितांत अभाव है।

इस संकट की घड़ी में समाज और प्रशासन का सुंदर तालमेल देखने को मिलता है। एक ओर समीरण और उसके साथी — एक युवा समूह — संगठित होकर समस्या की पहचान करते हैं और उसे सही तरीके से अधिकारियों तक पहुँचाते हैं। दूसरी ओर जिला उपायुक्त नागरिकों के आवेदन को गंभीरता से लेते हैं और तुरंत आदेश देते हैं। यह पाठ सिखाता है कि जब नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और प्रशासन संवेदनशीलता से काम करता है, तभी बड़ी-से-बड़ी आपदा का मुकाबला किया जा सकता है।

भाषा एवं व्याकरण

(क) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ बताओ और वाक्यों में प्रयोग करो:

1. मुकाबला

उत्तरः अर्थ — सामना करना, मुठभेड़।
वाक्य — साहसी लोग हर मुसीबत का मुकाबला डटकर करते हैं।

2. मूसलाधार

उत्तरः अर्थ — बहुत तेज, मूसल जैसी (वर्षा)।
वाक्य — सावन में मूसलाधार बारिश से नदियाँ उफान पर आ गईं।

3. तटबंध

उत्तरः अर्थ — नदी के किनारे बाढ़ रोकने के लिए बना बाँध।
वाक्य — धनशिरी नदी का तटबंध टूटने से बाढ़ आ गई।

4. राहत

उत्तरः अर्थ — कष्ट से मुक्ति, सहायता।
वाक्य — बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बाँटी गई।

5. मुहैया

उत्तरः अर्थ — उपलब्ध कराना, प्रदान करना।
वाक्य — सरकार ने शिविर में सभी सुविधाएँ मुहैया करा दीं।

(ख) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ बताकर वाक्यों में प्रयोग करो:

1. राहत की साँस लेना

उत्तरः अर्थ — संकट से मुक्त होने पर चैन महसूस करना।
वाक्य — बचाव दल के आने पर बाढ़ पीड़ितों ने राहत की साँस ली।

2. तांडव मचाना

उत्तरः अर्थ — भयंकर उत्पात मचाना, विनाश करना।
वाक्य — बाढ़ ने गाँव में भारी तांडव मचाया।

3. एहसास होना

उत्तरः अर्थ — महसूस होना, अनुभव होना।
वाक्य — जब उसका घर डूबा तब उसे बाढ़ की भयानकता का एहसास हुआ।

(ग) निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरो:

उत्तरः
1. समीरण के गाँव के किनारे धनशिरी नदी बहती है।
2. बाढ़ राहत सभा की अध्यक्षता परमानंद दास जी ने की।
3. आवेदन-पत्र जिला उपायुक्त को लिखा गया।
4. पत्र लिखने में बरूवा सर ने मदद की।
5. राहत शिविर गाँव के माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया था।


अतिरिक्त प्रश्नोत्तर (Additional Questions and Answers)

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1: “बाढ़ का मुकाबला” पाठ में मुख्य पात्र कौन-कौन हैं?

उत्तरः इस पाठ के मुख्य पात्र हैं — समीरण (मुख्य नायक), रश्मि (समीरण की सहयोगी), अब्दुल और मृदुल (समीरण के साथी), परमानंद दास (सभा के अध्यक्ष) तथा श्री बरूवा (माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक)।

प्रश्न 2: धनशिरी नदी का तटबंध टूटने से क्या हुआ?

उत्तरः धनशिरी नदी का तटबंध टूटने से समीरण के गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ आ गई। रातों-रात गाँव में पानी भर आया और घर, खेत सब कुछ जलमग्न हो गए। लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविर में जाना पड़ा।

प्रश्न 3: समीरण ने राहत शिविर की समस्याओं को दूर करने के लिए क्या उपाय किए?

उत्तरः समीरण ने राहत शिविर की समस्याओं को दूर करने के लिए संगठित तरीके से काम किया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक सभा बुलाई, सभी समस्याओं की पहचान की और जिला उपायुक्त को आवेदन-पत्र तथा संबंधित विभागों को शिकायती पत्र लिखे। प्रधानाध्यापक बरूवा जी की मदद से ये पत्र तैयार करवाकर भेजे।

प्रश्न 4: राहत शिविर में मच्छरों का प्रकोप क्यों बढ़ रहा था और इससे क्या खतरा था?

उत्तरः राहत शिविर में चारों ओर गंदगी का अंबार था। बाढ़ के ठहरे हुए पानी में और गंदगी में मच्छर पैदा होने लगे थे। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से शिविर में रह रहे बाढ़ पीड़ितों को मलेरिया जैसी घातक बीमारियाँ फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया था।

प्रश्न 5: श्री बरूवा जी ने समीरण और रश्मि की क्या मदद की?