ASSEB Class 7 Hindi (Elective) पल्लव भाग-2 का पद्य 1 “नन्हा-मुन्ना राही हूँ” एक प्रसिद्ध देशभक्ति गीत है। यह गीत वर्ष 1962 में प्रदर्शित हिंदी फिल्म सन ऑफ इंडिया (Son of India) से लिया गया है। इस गीत के गीतकार शकील बदायूनी, संगीतकार नौशाद अली और गायिका शांति माथुर हैं। यह गीत बच्चों के मन में देशप्रेम, कर्तव्य-भावना और आगे बढ़ने की उमंग जगाता है। इस पाठ में बच्चे स्वयं को देश का सिपाही मानकर तिरंगे की शान बनाए रखने तथा भारत को विकास, शांति और प्रगति के पथ पर ले जाने का संकल्प लेते हैं।
गीत (Poem Text)
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ,
बोलो मेरे संग — जय हिन्द, जय हिन्द, जय हिन्द।
रस्ते पे चलूँगा न डर-डर के,
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के।
मंज़िल से पहले न लूँगा कहीं दम,
आगे ही आगे बढ़ाऊँगा कदम।
धूप में पसीना बहाऊँगा जहाँ,
हरे-भरे खेत लहराएँगे वहाँ।
धरती पे फाके न पाएँगे जन्म,
आगे ही आगे बढ़ाऊँगा कदम।
नया है ज़माना, मेरी नई है डगर,
देश को बनाऊँगा मशीनों का नगर।
भारत किसी से रहेगा न कम,
आगे ही आगे बढ़ाऊँगा कदम।
बड़ा होके देश का सहारा बनूँगा,
दुनिया की आँखों का तारा बनूँगा।
रखूँगा ऊँचा तिरंगा परचम,
आगे ही आगे बढ़ाऊँगा कदम।
शांति की नगरी है मेरा ये वतन,
सबको सिखाऊँगा मैं प्यार का चलन।
दुनिया में गिरने न दूँगा कहीं बम,
आगे ही आगे बढ़ाऊँगा कदम।
पाठ-परिचय (Summary)
“नन्हा-मुन्ना राही हूँ” एक प्रेरणादायक देशभक्ति गीत है जिसमें एक नन्हा बालक स्वयं को देश का सिपाही बताते हुए “जय हिन्द” का उद्घोष करता है। बालक कहता है कि वह जीवन के मार्ग पर बिना डरे आगे बढ़ता रहेगा, चाहे उसे जीवन भर कठिनाइयों का सामना ही क्यों न करना पड़े। वह अपनी मंज़िल पाने से पहले कहीं नहीं रुकेगा और सदा आगे ही आगे कदम बढ़ाता रहेगा। यह गीत बच्चों में आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना जगाता है।
गीत में बालक संकल्प लेता है कि वह अपने पसीने से देश की धरती को सींचेगा जिससे हरे-भरे खेत लहराएँगे और देश में कोई भूखा न रहे। वह नए ज़माने के अनुरूप देश को मशीनों का नगर — अर्थात् उद्योग और तकनीक से समृद्ध — बनाएगा ताकि भारत किसी भी प्रगतिशील देश से कम न रहे। बड़ा होकर वह देश का सहारा और दुनिया की आँखों का तारा बनेगा तथा तिरंगे की शान को सदा ऊँचा रखेगा। अंत में बालक भारत को शांति की नगरी कहकर सबको प्यार का पाठ पढ़ाने और दुनिया में कहीं भी बम न गिरने देने का संकल्प लेता है। यह गीत राष्ट्रीय एकता, शांति, श्रम-निष्ठा और प्रगति का संदेश देता है।
गीत-परिचय (About the Song)
“नन्हा-मुन्ना राही हूँ” वर्ष 1962 में प्रदर्शित हिंदी फिल्म सन ऑफ इंडिया (Son of India) का एक अत्यंत लोकप्रिय बाल-देशभक्ति गीत है। इस गीत के गीतकार शकील बदायूनी, संगीतकार नौशाद अली और गायिका शांति माथुर हैं। इस गीत को आज भी विद्यालयों के राष्ट्रीय समारोहों, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती जैसे अवसरों पर बच्चे उत्साहपूर्वक गाते हैं। इस गीत की सरल भाषा, मधुर धुन और प्रेरणादायक भाव ने इसे बच्चों का अमर देशभक्ति गीत बना दिया है।
शब्दार्थ (Word Meanings)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| नन्हा | छोटा-सा (Little, small) |
| मुन्ना | नन्हा बालक (Little boy) |
| राही | राह पर चलने वाला, यात्री (Traveller, wayfarer) |
| सिपाही | सैनिक, रक्षक (Soldier) |
| जय हिन्द | भारत की जय हो (Victory to India) |
| दम | साँस, विश्राम (Breath, rest) |
| मंज़िल | लक्ष्य, गंतव्य (Goal, destination) |
| कदम | पैर, चरण (Step, footstep) |
| डगर | मार्ग, राह, रास्ता (Path, road) |
| परचम | झंडा (Flag) |
| तिरंगा | तीन रंगों वाला (भारतीय राष्ट्रध्वज) (Tri-colour, Indian flag) |
| पसीना | शरीर से निकलने वाला जल (Sweat) |
| लहराएँगे | हवा में हिलेंगे (Will sway/wave) |
| फाके | भूख, खाना न मिलना (Starvation, hunger) |
| ज़माना | युग, समय (Era, time) |
| नगर | शहर (City) |
| मशीनों का नगर | उद्योग-कारख़ानों से भरा शहर (Industrial city) |
| सहारा | आधार, मदद (Support) |
| आँखों का तारा | बहुत प्यारा, चहेता (Apple of the eye) |
| वतन | मातृभूमि, देश (Motherland, country) |
| चलन | नियम, रिवाज, परंपरा (Custom, practice) |
| बम | विस्फोटक (Bomb) |
| शांति की नगरी | शांति का देश (Land of peace) |
| थम | ठहरना, रुक जाना (To stop) |
अभ्यास (Question Answers)
अभ्यास-माला : पाठ से प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1: ‘नन्हा-मुन्ना राही हूँ’ एक देशप्रेमपूर्ण गीत है। इसे कक्षा में लय के साथ सस्वर गाओ।
उत्तरः यह कार्य विद्यार्थी स्वयं अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में करें। इस गीत को कक्षा में लय और स्वर के साथ सामूहिक रूप से गाना चाहिए ताकि सभी बच्चों के मन में देशप्रेम की भावना जागृत हो।
प्रश्न 2: इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो?
उत्तरः इस गीत को हम राष्ट्रीय समारोहों के माहौल में गुनगुना सकते हैं — जैसे कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गांधी जयंती (2 अक्टूबर), बाल दिवस तथा विद्यालय के वार्षिक समारोह आदि अवसरों पर। इन अवसरों पर यह गीत हमारे मन में देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना जगाता है।
अभ्यास-माला : लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Questions)
प्रश्न (क): कविता में उल्लिखित देश का सिपाही कौन है?
उत्तरः कविता में उल्लिखित देश का सिपाही नन्हा-मुन्ना बालक (छोटा बच्चा) है। यह बालक स्वयं को देश का सिपाही मानकर देश की रक्षा और प्रगति का संकल्प लेता है। कवि का संदेश है कि देश का हर बच्चा अपने आप में देश का छोटा सिपाही है।
प्रश्न (ख): भारत किसी से कम नहीं — यह कैसे संभव है?
उत्तरः भारत किसी से कम नहीं रहेगा क्योंकि नन्हा-मुन्ना राही (बालक) बड़ा होकर देश को मशीनों का नगर बनाएगा — अर्थात् उद्योग, कल-कारख़ानों, विज्ञान और तकनीक से देश को समृद्ध करेगा। मेहनत, श्रम और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर भारत भी विश्व के अन्य प्रगतिशील देशों के समान विकसित और शक्तिशाली देश बनेगा। इस प्रकार भारत किसी भी देश से कम नहीं रहेगा।
प्रश्न (ग): ‘देश को बनाऊँगा मशीनों का नगर’ — कवि के इस कथन का उद्देश्य क्या है?
उत्तरः कवि के इस कथन का उद्देश्य है — भारत को एक प्रगतिशील, औद्योगिक और आधुनिक राष्ट्र बनाना। ‘मशीनों का नगर’ का अर्थ है — कल-कारख़ाने, उद्योग-धंधे, बड़े-बड़े संयंत्र तथा आधुनिक तकनीक से सुसज्जित देश। कवि चाहते हैं कि बच्चे बड़े होकर देश में उद्योग-धंधों का विकास करें ताकि भारत विश्व के विकसित देशों की पंक्ति में खड़ा हो सके।
प्रश्न (घ): भारत के कुछ अन्य नाम लिखो।
उत्तरः भारत के कुछ अन्य नाम इस प्रकार हैं — इंडिया (India), हिन्दुस्तान, भारतवर्ष, आर्यावर्त, जम्बूद्वीप तथा हिन्द।
प्रश्न (ङ): अपना तिरंगा ऊँचा रखने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
उत्तरः अपना तिरंगा ऊँचा रखने के लिए हमारे मन में देश के प्रति सम्मान, कर्तव्य-भावना और देश के लिए कुछ कर गुजरने की उमंग होनी चाहिए। हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिनसे देश का नाम विश्व में ऊँचा हो — जैसे शिक्षा में, खेल में, विज्ञान में, संस्कृति में और सेवा-कार्य में देश का गौरव बढ़ाना। साथ ही हमें राष्ट्रध्वज तिरंगे का पूरा सम्मान करना चाहिए और देश की एकता, अखंडता एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए।
प्रश्न (च): आपकी मंज़िल क्या है?
उत्तरः (नमूना उत्तर) मेरी मंज़िल देश की सेवा करना है। मैं बड़ा होकर सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करना चाहता/चाहती हूँ। साथ ही मैं ख़ूब पढ़-लिखकर एक अच्छा/अच्छी नागरिक बनकर देश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहता/चाहती हूँ। (विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुसार उत्तर लिख सकते हैं — जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक आदि बनना।)
प्रश्न (छ): भारत के किन-किन राज्यों में हरे-भरे खेत हैं?
उत्तरः भारत के कई राज्यों में हरे-भरे खेत हैं — जैसे असम, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात तथा मध्य प्रदेश आदि। पंजाब और हरियाणा को तो भारत का “अन्न-भंडार” कहा जाता है। असम के खेत भी अपनी हरियाली के लिए प्रसिद्ध हैं।
पाठ के आस-पास
प्रश्न 1: तुम जिस राज्य में रहते हो, वहाँ की क्या-क्या खूबियाँ हैं? लिखो।
उत्तरः मैं असम राज्य का/की निवासी हूँ। असम की मुख्य खूबियाँ इस प्रकार हैं —
- असम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व-प्रसिद्ध है — यहाँ हरे-भरे चाय-बागान, ब्रह्मपुत्र नद और काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान हैं।
- काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक-सींग वाले गैंडे के लिए विश्व-प्रसिद्ध है।
- असम की चाय विश्व की सबसे अच्छी चाय में गिनी जाती है।
- यहाँ बिहू नृत्य, गीत और संस्कृति की विशिष्ट परंपरा है।
- असम का रेशम (मूगा, एरी और पाट) विश्वविख्यात है।
- यहाँ अनेक धर्म, जातियाँ और भाषाएँ मिलजुलकर रहती हैं।
- शंकरदेव और माधवदेव जैसे महान संत-कवियों की जन्मभूमि है।
प्रश्न 2: ‘मशीनों का नगर’ से कवि का क्या तात्पर्य है? चित्र देखकर बताओ कि किस प्रकार की मशीनें देश के विकास में सहायक होती हैं।
उत्तरः ‘मशीनों का नगर’ से कवि का तात्पर्य है — एक ऐसा देश जिसमें उद्योग, कारख़ाने, मिलें, संयंत्र तथा आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ भरपूर हों। देश के विकास में सहायक प्रमुख मशीनें हैं —
- कृषि-यंत्र — ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर आदि — खेती में सहायक।
- निर्माण मशीनें — क्रेन, बुलडोज़र, कंक्रीट मिक्सर — सड़क-भवन निर्माण में।
- उद्योग की मशीनें — कपड़ा बुनने की मशीन, लोहा-इस्पात बनाने की भट्टी, सीमेंट बनाने की मशीन।
- परिवहन मशीनें — रेलगाड़ी, ट्रक, हवाई-जहाज़, जहाज़।
- संचार-तकनीक — कंप्यूटर, मोबाइल, उपग्रह।
प्रश्न 3: कुछ शांति-दूतों के नाम लिखो जिन्होंने विश्व में शांति का संदेश फैलाया।
उत्तरः विश्व में शांति का संदेश फैलाने वाले प्रमुख शांति-दूत इस प्रकार हैं —
- गौतम बुद्ध — बौद्ध धर्म के संस्थापक, अहिंसा और करुणा के प्रचारक।
- महात्मा गांधी — सत्य और अहिंसा के पुजारी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नेता।
- मदर टेरेसा — गरीबों, असहायों और रोगियों की सेवा में जीवन समर्पित करने वाली नोबेल विजेता।
- स्वामी विवेकानंद — विश्व में भारतीय आध्यात्मिक संदेश को प्रसारित करने वाले महान संत।
- मार्टिन लूथर किंग जूनियर — अमेरिका में मानवाधिकार और शांति आंदोलन के नेता।
- नेल्सन मंडेला — दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध शांतिपूर्ण संघर्ष के अग्रदूत।
भाषा-अध्ययन (Grammar)
प्रश्न 1: निम्नलिखित शब्दों का वर्ण-विच्छेद करो।
| शब्द | वर्ण-विच्छेद |
|---|---|
| मंज़िल | म् + अं + ज् + इ + ल् + अ |
| परचम | प् + अ + र् + अ + च् + अ + म् + अ |
| लहराएँगे | ल् + अ + ह् + अ + र् + आ + एँ + ग् + ए |
| दुनिया | द् + उ + न् + इ + य् + आ |
| तिरंगा | त् + इ + र् + अं + ग् + आ |
| सिपाही | स् + इ + प् + आ + ह् + ई |
प्रश्न 2: निम्नलिखित अशुद्ध शब्दों का शुद्ध रूप लिखो।
| अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|
| पीयार | प्यार |
| वनुगा | बनूँगा |
| दुनीया | दुनिया |
| मसीन | मशीन |
| चालिँग | चलूँगा |
| पायँगे | पाएँगे |
| पापि | पापी |
| तिरँगा | तिरंगा |
प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों में से स्वर और व्यंजन अलग-अलग करो — अ, क, इ, म, ए, ख, उ, प, आ, ल, ओ, छ, ज, घ, न, ई, ऐ, ङ।
उत्तरः
- स्वर — अ, आ, इ, ई, उ, ए, ऐ, ओ
- व्यंजन — क, ख, ग, घ, ङ, छ, ज, न, म, प, ल
प्रश्न 4: 1 से 50 तक की संख्याएँ हिन्दी में (देवनागरी अंकों में) लिखो।
उत्तरः १, २, ३, ४, ५, ६, ७, ८, ९, १०, ११, १२, १३, १४, १५, १६, १७, १८, १९, २०, २१, २२, २३, २४, २५, २६, २७, २८, २९, ३०, ३१, ३२, ३३, ३४, ३५, ३६, ३७, ३८, ३९, ४०, ४१, ४२, ४३, ४४, ४५, ४६, ४७, ४८, ४९, ५०।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. नन्हा-मुन्ना राही अपने संग क्या बोलने के लिए कहता है?
(क) जय हिन्द (ख) जय जवान (ग) जय-जय (घ) अमर रहो
उत्तरः (क) जय हिन्द
2. नन्हा-मुन्ना राही देश का क्या है?
(क) सिपाही (ख) किसान (ग) चालक (घ) चिकित्सक
उत्तरः (क) सिपाही
3. “चाहे मुझे जीना पड़े ___ के” — रिक्त स्थान भरो।
(क) गिर-गिर (ख) डर-डर (ग) पिट-पिट (घ) मर-मर
उत्तरः (घ) मर-मर
4. “रस्ते पे चलूँगा न ___ के” — रिक्त स्थान भरो।
(क) गिर-गिर (ख) डर-डर (ग) पिट-पिट (घ) मर-मर
उत्तरः (ख) डर-डर
5. कविता का बालक स्वयं को क्या कहता है?
(क) बच्चा (ख) सिपाही (ग) राही (घ) भाई
उत्तरः (ग) राही
6. “___ से पहले न लूँगा कहीं दम।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) सफलता (ख) मंज़िल (ग) राह (घ) सपना
उत्तरः (ख) मंज़िल
7. “देश को बनाऊँगा ___ का नगर।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) बर्चुअल (ख) कल (ग) मशीनों (घ) अभिषेक
उत्तरः (ग) मशीनों
8. “आगे ही आगे बढ़ाऊँगा ___।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) डग (ख) कोशिश (ग) कदम (घ) पैर
उत्तरः (ग) कदम
9. “सबको सिखाऊँगा मैं ___ का चलन।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) प्रिय (ख) मनोरम (ग) प्यार (घ) मधुर
उत्तरः (ग) प्यार
10. इस गीत के गीतकार कौन हैं?
(क) नौशाद अली (ख) शकील बदायूनी (ग) शांति माथुर (घ) मणिरत्नम
उत्तरः (ख) शकील बदायूनी
11. इस गीत के संगीतकार कौन हैं?
(क) ए. आर. रहमान (ख) नौशाद अली (ग) शकील बदायूनी (घ) हरिहरन
उत्तरः (ख) नौशाद अली
12. इस गीत की गायिका कौन हैं?
(क) लता मंगेशकर (ख) आशा भोंसले (ग) शांति माथुर (घ) कविता कृष्णमूर्ति
उत्तरः (ग) शांति माथुर
13. यह गीत किस फिल्म का है?
(क) रोज़ा (ख) बूट पॉलिश (ग) सन ऑफ इंडिया (घ) जागृति
उत्तरः (ग) सन ऑफ इंडिया
14. “परचम” शब्द का अर्थ क्या है?
(क) सेना (ख) झंडा (ग) देश (घ) सिपाही
उत्तरः (ख) झंडा
15. “आँखों का तारा” मुहावरे का अर्थ क्या है?
(क) चमकता तारा (ख) बहुत प्यारा (ग) ऊँचा स्थान (घ) दूर का तारा
उत्तरः (ख) बहुत प्यारा
अतिरिक्त प्रश्नोत्तर (Additional Questions and Answers)
प्रश्न 1: “नन्हा-मुन्ना राही हूँ” गीत का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तरः इस गीत का मुख्य संदेश है — देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा, अनवरत परिश्रम और शांति। बालक स्वयं को देश का सिपाही मानकर बिना डरे, बिना रुके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का संकल्प लेता है। वह देश को कृषि और उद्योग में समृद्ध बनाएगा, तिरंगे की शान बढ़ाएगा और संसार में शांति एवं प्रेम का संदेश फैलाएगा। यह गीत हर बच्चे के मन में देश के लिए कुछ बड़ा करने की उमंग जगाता है।
प्रश्न 2: “मंज़िल से पहले न लूँगा कहीं दम” — इस पंक्ति का भाव स्पष्ट करो।
उत्तरः इस पंक्ति का भाव यह है कि बालक संकल्प लेता है कि वह अपनी मंज़िल अर्थात् लक्ष्य पाने से पहले कहीं रुकेगा नहीं, विश्राम नहीं करेगा। वह सदा आगे बढ़ता रहेगा। यह पंक्ति हमें यह प्रेरणा देती है कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम और दृढ़-संकल्प आवश्यक है। बीच रास्ते में थककर हार मान लेना सच्चे राही का काम नहीं है।
प्रश्न 3: “धूप में पसीना बहाऊँगा जहाँ, हरे-भरे खेत लहराएँगे वहाँ” — इन पंक्तियों का अर्थ बताओ।
उत्तरः इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि बालक संकल्प लेता है कि वह कड़ी धूप में भी अपने श्रम-पसीने से देश की धरती को सींचेगा। उसके परिश्रम के परिणामस्वरूप जहाँ भी खेत होंगे वहाँ हरी-भरी फ़सल लहराएगी। तात्पर्य यह है कि अपने अथक परिश्रम से बालक देश को कृषि-समृद्ध बनाएगा ताकि देश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
प्रश्न 4: “धरती पे फाके न पाएँगे जन्म” — इस पंक्ति में कवि क्या कहना चाहते हैं?
उत्तरः इस पंक्ति में कवि कहना चाहते हैं कि नन्हा बालक अपने परिश्रम से देश को इतना समृद्ध बनाएगा कि इस धरती पर भूख और भुखमरी (फाके) कभी जन्म नहीं ले पाएगी। अर्थात् देश में अन्न की कमी नहीं होगी और कोई भी नागरिक भूखा नहीं रहेगा। यह पंक्ति देश में अन्न की पूर्णता और गरीबी-उन्मूलन का संदेश देती है।
प्रश्न 5: “बड़ा होके देश का सहारा बनूँगा” — बालक का यह संकल्प हमें क्या सिखाता है?
उत्तरः बालक का यह संकल्प हमें सिखाता है कि हमें छोटी अवस्था से ही देश के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प मन में रखना चाहिए। यह पंक्ति हमें ऐसे नागरिक बनने की प्रेरणा देती है जो आगे चलकर देश के बूढ़े, ग़रीब और कमज़ोर लोगों का सहारा बनें। बड़े होकर हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिनसे हम केवल अपने परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश के सहारे बन सकें।
प्रश्न 6: “शांति की नगरी है मेरा ये वतन” — कवि भारत को शांति की नगरी क्यों कहते हैं?
उत्तरः कवि भारत को ‘शांति की नगरी’ इसलिए कहते हैं क्योंकि भारत प्राचीन काल से ही “वसुधैव कुटुम्बकम्” (सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है) के विचार पर आधारित है। यहाँ गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी और महात्मा गांधी जैसे शांति-दूतों ने जन्म लिया। भारत ने सदैव अहिंसा, प्रेम और सहिष्णुता का संदेश दिया है। यहाँ अनेक धर्म, जातियाँ और भाषाएँ मिलजुलकर शांति से रहती आई हैं। इसीलिए भारत ‘शांति की नगरी’ कहलाता है।
प्रश्न 7: “दुनिया में गिरने न दूँगा कहीं बम” — इस पंक्ति में कवि की क्या आकांक्षा है?
उत्तरः इस पंक्ति में कवि की यह आकांक्षा है कि संसार में कहीं भी युद्ध न हो और बम न गिरें। बच्चा देश का सिपाही बनकर पूरी दुनिया में शांति-स्थापना का प्रयास करेगा। वह सबको प्रेम का पाठ पढ़ाएगा ताकि नफ़रत के कारण कहीं भी बम-गोले न गिरें। यह पंक्ति विश्व-शांति का संदेश देती है।
प्रश्न 8: इस गीत से तुम्हें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तरः इस गीत से हमें निम्नलिखित प्रेरणाएँ मिलती हैं —
- हमें अपने देश से अटूट प्रेम करना चाहिए और स्वयं को देश का सिपाही समझकर देश की रक्षा एवं प्रगति में योगदान देना चाहिए।
- हमें जीवन-मार्ग पर बिना डरे, बिना रुके आगे बढ़ते रहना चाहिए।
- लक्ष्य प्राप्त करने से पहले कभी विश्राम नहीं करना चाहिए।
- अपने श्रम और पसीने से देश को कृषि और उद्योग में समृद्ध बनाना चाहिए।
- तिरंगे की शान को सदा ऊँचा रखना चाहिए।
- संसार में प्रेम और शांति का संदेश फैलाना चाहिए।
- हमें भारत को विश्व का सबसे विकसित और सम्मानित देश बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।
प्रश्न 9: “रखूँगा ऊँचा तिरंगा परचम” — इस पंक्ति का क्या आशय है?
उत्तरः इस पंक्ति का आशय है कि बालक संकल्प लेता है कि वह बड़ा होकर देश के लिए ऐसे महान कार्य करेगा जिनसे भारत का तिरंगा झंडा दुनिया में सदा ऊँचा लहराता रहेगा। तिरंगा हमारा राष्ट्रीय गौरव है, और उसे ऊँचा रखने का अर्थ है — देश की प्रतिष्ठा, सम्मान और स्वतंत्रता को सर्वोपरि रखना। बालक देश के लिए इतना अच्छा कार्य करेगा कि सारी दुनिया भारत को सम्मान की दृष्टि से देखेगी।
प्रश्न 10: “नया है ज़माना, मेरी नई है डगर” — इस पंक्ति का अर्थ स्पष्ट करो।
उत्तरः इस पंक्ति का अर्थ है कि अब समय बदल गया है, यह नया युग है — विज्ञान और तकनीक का युग। इसलिए बालक की राह (डगर) भी नई है। पुराने समय की तुलना में अब प्रगति के अवसर अधिक हैं। बालक नए ज़माने के अनुरूप विज्ञान, उद्योग और तकनीक को अपनाकर देश को प्रगति-पथ पर ले जाएगा। यह पंक्ति हमें आधुनिक समय के अनुरूप ख़ुद को विकसित करने की प्रेरणा देती है।
Summary (English)
“Nanha-Munna Rahi Hoon” is the first poem in ASSEB Class 7 Hindi (Elective) Pallav Bhag-2. Taken from the 1962 Hindi film Son of India, the song was written by Shakeel Badayuni, composed by Naushad Ali and sung by Shanti Mathur. In this patriotic song a little child calls himself a soldier of the nation and resolves to walk fearlessly along his path, never to rest before reaching his goal. He vows to water the soil with his sweat so that green fields will sway and no one will go hungry, to turn India into a city of machines so that the country falls behind no other, to grow up to be the support of his motherland and the apple of the world’s eye, to keep the tricolour flying high, and to spread the message of love and peace so that no bombs ever fall anywhere in the world. The poem instils in young readers the values of patriotism, hard work, perseverance, national progress and world peace.