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अपनों के पत्र – Class 7 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-2

ASSEB (Assam State Board of Secondary Education) कक्षा 7 हिंदी (ऐच्छिक) पल्लव भाग-2 के पाठ 8 ‘अपनों के पत्र’ का यह संपूर्ण प्रश्नोत्तर समाधान है। इस पृष्ठ पर पाठ-परिचय (सारांश), शब्दार्थ तालिका तथा पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यास प्रश्नों के पूर्ण उत्तर शुद्ध हिंदी में दिए गए हैं, जो ASSEB के नवीनतम पाठ्यक्रम (2025-26) पर आधारित हैं।

‘अपनों के पत्र’ एक पारिवारिक पत्र-शैली का पाठ है, जिसमें भारतीय थल सेना में कार्यरत पिता अरुणाचल प्रदेश से अपने बच्चों गौतम और गीतांजलि को पत्र लिखकर वहाँ की प्राकृतिक सुषमा, ऐतिहासिक स्थलों, भाषा-संस्कृति और बौद्ध मठों का सजीव वर्णन करते हैं। यह पाठ छात्रों को पत्र-लेखन की विधा से भी परिचित कराता है।

पाठ-परिचय (Summary)

‘अपनों के पत्र’ पाठ में गौतम और गीतांजलि नाम के दो भाई-बहन अपने घर के आँगन में खेल रहे हैं। डाकिया उनके पिता का पत्र लेकर आता है। पिता का तबादला अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर हुआ है, जहाँ डाक-व्यवस्था सरल नहीं होने के कारण चिट्ठी भेजने में देर हो गई थी। पत्र में पिता परिवार की कुशलता पूछते हैं और अरुणाचल प्रदेश की सुंदरता का मनोहारी वर्णन करते हैं।

पिता बताते हैं कि अरुणाचल का प्रवेशद्वार भालुकपुंग है, जिसकी राजधानी राजा वाण के पोते भालुक ने बनाई थी। आगे टिपि नामक स्थान आर्किड फूलों से भरा एक अविस्मरणीय स्थल है। बोमडिला से होते हुए सी-ला पास पार करके तावाङ पहुँचा जाता है, जहाँ लगभग 400 वर्ष पुराना विश्वविख्यात बौद्ध मठ है। दिसंबर-जनवरी में यहाँ बड़ा उत्सव होता है जिसमें देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं और इस मठ में लगभग 700 भिक्षु रहते हैं।

पिता यह भी बताते हैं कि अरुणाचल में हिंदी संपर्क-भाषा है तथा अंग्रेज़ी कार्यालयीन भाषा है। पत्र के अंत में वे बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने तथा माँ का कहना मानने की सीख देते हैं और छुट्टी मिलने पर साथ घुमाने ले जाने का वादा करते हैं। यह पाठ पारिवारिक पत्र के स्वरूप, अरुणाचल की सांस्कृतिक धरोहर तथा देशप्रेम की भावना का सुंदर परिचय कराता है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
ठिठुरनठंड के कारण होने वाला कंपन
तबादलाबदली, स्थानांतरण
खैरियतकुशलता, कुशल-क्षेम
तकलीफदिक्कत, परेशानी, कष्ट
कार्यालयीनकार्यालयों में प्रयोग होने वाला
सफरयात्रा
फुर्सतअवकाश, खाली समय
सदियों पुरानासैकड़ों वर्ष पुराना
अविस्मरणीयन भूलने लायक
सुहावनेसुंदर, मनभावन
इजाजतआज्ञा, अनुमति
आँगनघर के सामने का खुला स्थान
संपर्क भाषाआपस में बात करने के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा
दर्शनीय स्थलदेखने योग्य स्थान
आर्किडएक प्रकार का सुंदर फूल
बौद्ध मठबौद्ध भिक्षुओं के निवास तथा साधना का स्थान
उत्सवत्योहार, समारोह
राजधानीराज्य का मुख्य नगर

अभ्यास (Question Answers)

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो :

(क) गौतम और गीतांजलि कहाँ खेल रहे थे?

उत्तरः गौतम और गीतांजलि अपने घर के आँगन में खेल रहे थे।

(ख) गौतम और गीतांजलि के पिता को चिट्ठी भेजने में देर क्यों हुई थी?

उत्तरः गौतम और गीतांजलि के पिता का तबादला अरुणाचल प्रदेश में हुआ था और उनकी ड्यूटी भारत-चीन सीमा पर थी, जहाँ डाक-व्यवस्था आसान नहीं थी। इसी कारण उन्हें चिट्ठी भेजने में देर हो गई थी।

(ग) भालुकपुंग में किसने अपनी राजधानी बनवाई थी?

उत्तरः भालुकपुंग में राजा वाण के पोते भालुक ने अपनी राजधानी बनवाई थी। उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम भालुकपुंग पड़ा।

(घ) गौतम और गीतांजलि के पिता क्या काम करते हैं और उनका तबादला कहाँ हुआ है?

उत्तरः गौतम और गीतांजलि के पिता भारतीय थल सेना में कार्यरत हैं। उनका तबादला अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर हुआ है।

(ङ) पत्र किसने और किसको लिखा है?

उत्तरः यह पत्र गौतम और गीतांजलि के पिता ने अरुणाचल प्रदेश से अपने बच्चों गौतम और गीतांजलि तथा परिवार को लिखा है।

2. संक्षेप में उत्तर दो :

(क) अरुणाचल प्रदेश के पाँच दर्शनीय स्थलों के नाम लिखो।

उत्तरः अरुणाचल प्रदेश के पाँच दर्शनीय स्थल हैं — (i) तावाङ, (ii) बोमडिला, (iii) टिपि, (iv) भालुकपुंग, और (v) इटानगर।

(ख) टिपि की क्या विशेषता है?

उत्तरः टिपि आर्किडों से भरा हुआ एक अविस्मरणीय स्थल है। यहाँ रंग-बिरंगे आर्किड फूलों की अनेक प्रजातियाँ देखने को मिलती हैं, जो पर्यटकों के मन को मोह लेती हैं।

(ग) अरुणाचल प्रदेश की संपर्क भाषा और कार्यालयीन भाषा क्या है?

उत्तरः अरुणाचल प्रदेश की संपर्क भाषा हिंदी है और कार्यालयीन भाषा अंग्रेज़ी है।

(घ) तावाङ शहर के बौद्ध मंदिर के बारे में संक्षेप में लिखो।

उत्तरः तावाङ शहर का बौद्ध मंदिर (मठ) विश्वविख्यात है। यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। दिसंबर-जनवरी महीने में यहाँ बड़ा उत्सव होता है, जिसमें देशी-विदेशी पर्यटक आकर एकत्र होते हैं। इस मठ में लगभग 700 भिक्षु रहते हैं।

(ङ) तावाङ पहुँचने के लिए कौन-सा दर्रा पार करना पड़ता है?

उत्तरः तावाङ पहुँचने के लिए ‘सी-ला पास’ नामक दर्रा पार करना पड़ता है, जो ऊँचाई पर स्थित अत्यंत मनोरम स्थान है।

3. पाठ के आधार पर पारिवारिक पत्र के अंग बताओ :

प्रश्नः पारिवारिक पत्र के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं?

उत्तरः पारिवारिक पत्र के निम्नलिखित मुख्य अंग होते हैं —

  1. स्थान और दिनांक : पत्र के सबसे ऊपर दाहिनी ओर पत्र भेजने वाले का स्थान और तिथि लिखी जाती है।
  2. संबोधन : इसके बाद बायीं ओर जिसको पत्र लिखा जा रहा है, उसके लिए आदरसूचक संबोधन (जैसे — पूज्य पिताजी, प्रिय भाई आदि) लिखा जाता है।
  3. अभिवादन : संबोधन के नीचे ‘सादर प्रणाम’, ‘नमस्ते’ या ‘आशीर्वाद’ जैसे अभिवादन लिखे जाते हैं।
  4. मूल कलेवर (मुख्य भाग) : इसमें पत्र का मुख्य विषय अर्थात कुशल-क्षेम, समाचार और संदेश लिखा जाता है।
  5. स्वनिर्देश (समाप्ति) : अंत में पत्र भेजने वाला अपना संबंध बताते हुए हस्ताक्षर करता है (जैसे — तुम्हारा प्यारा पिता, आपका आज्ञाकारी पुत्र आदि)।

4. तावाङ के बारे में पाँच वाक्य लिखो :

उत्तरः

  1. तावाङ अरुणाचल प्रदेश का एक प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है।
  2. तावाङ में लगभग 400 वर्ष पुराना विश्वविख्यात बौद्ध मठ है।
  3. तावाङ पहुँचने के लिए ‘सी-ला पास’ नामक ऊँचा दर्रा पार करना पड़ता है।
  4. तावाङ में दिसंबर-जनवरी महीने में बड़ा उत्सव मनाया जाता है, जिसमें देशी-विदेशी पर्यटक भाग लेते हैं।
  5. तावाङ बौद्ध मठ में लगभग 700 भिक्षु रहते हैं और यह स्थान भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है।

5. अपने मित्र को अपने विद्यालय के वार्षिकोत्सव के बारे में पत्र लिखो।

उत्तरः

परीक्षा भवन,
गुवाहाटी, असम।
दिनांक : 20 जनवरी, 2026

प्रिय मित्र राजेश,
सप्रेम नमस्कार।

मैं यहाँ कुशल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी सपरिवार सकुशल होगे। बहुत दिनों से तुम्हारा कोई समाचार नहीं मिला। आज तुम्हें हमारे विद्यालय के वार्षिकोत्सव के बारे में बताने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ।

पिछले सप्ताह हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी पधारे थे। छात्रों ने नृत्य, गीत, नाटक और कविता-पाठ की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं। मैंने भी एक हिंदी कविता सुनाई, जिसके लिए मुझे प्रथम पुरस्कार मिला। अंत में पुरस्कार वितरण और जलपान का आयोजन हुआ। यह दिन मेरे लिए सचमुच अविस्मरणीय रहा।

तुम्हारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव कब है, अवश्य लिखना। माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना और छोटे भाई को प्यार देना।

तुम्हारा प्रिय मित्र,
क. ख. ग.

6. भाषा-अध्ययन (व्याकरण)

(क) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखो :

शब्दविलोम
सुखदुःख
सुंदरअसुंदर / कुरूप
आसानकठिन
देशीविदेशी
नयापुराना
दिनरात
आनाजाना

(ख) निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखो :

शब्दपर्यायवाची
पत्रचिट्ठी, खत, पाती
पिताजनक, पापा, तात
यात्रासफर, भ्रमण
सुंदरमनोहर, खूबसूरत, रमणीय
राजानृप, भूपति, सम्राट
पुष्पफूल, सुमन, कुसुम

(ग) निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति करो :

  1. गौतम और गीतांजलि आँगन में खेल रहे थे।
  2. पिता का तबादला अरुणाचल प्रदेश में हुआ है।
  3. भालुकपुंग में राजा वाण के पोते भालुक ने अपनी राजधानी बनवाई थी।
  4. तावाङ का बौद्ध मठ लगभग 400 वर्ष पुराना है।
  5. अरुणाचल की संपर्क भाषा हिंदी है।

Summary (English): ‘Apno Ke Patra’ is Lesson 8 of ASSEB Class 7 Hindi Elective (Pallav Bhag-2). It is a family letter written by the father of Gautam and Geetanjali, who is posted with the Indian Army at the India-China border in Arunachal Pradesh. The lesson introduces students to the structure of a family letter and beautifully describes Arunachal’s tourist destinations — Bhalukpung (founded by King Bhaluk, grandson of Raja Vaan), Tipi (famous for orchids), Bomdila, Itanagar, and Tawang with its 400-year-old world-famous Buddhist monastery housing about 700 monks. Hindi serves as the link language and English as the official language of the state. The chapter teaches letter-writing format, regional cultural awareness, and family bonding.

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