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चार मित्र – Class 7 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-2

यहाँ ASSEB (Assam State Board of Secondary Education) कक्षा 7 के हिंदी (ऐच्छिक/तृतीय भाषा) की पाठ्यपुस्तक पल्लव भाग-2 के पाठ 2 – चार मित्र के सभी प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं। यह पाठ पंचतंत्र की एक प्रसिद्ध कहानी पर आधारित है, जिसमें चार पशु-मित्र — कौवा, चूहा, कछुआ और हिरन — आपसी मित्रता, सूझ-बूझ और सहयोग के बल पर एक बहेलिये के जाल से अपने मित्र को छुड़ाते हैं। यह कहानी बच्चों को सच्ची मित्रता और एकता का मूल्य सिखाती है।


पाठ-परिचय (Summary)

एक घने जंगल में एक सुंदर झील के किनारे चार मित्र रहते थे — एक काला-कलूटा कौवा जामुन के पेड़ पर रहता था, एक छोटा-सा चूहा झील के किनारे अपनी बिल में रहता था, एक कछुआ झील के पानी में रहता था और एक हिरन जंगल में स्वच्छंद घूमता था। चारों में गहरी दोस्ती थी। वे रोज एक साथ बैठकर बातें करते, खेलते और एक-दूसरे का सुख-दुख बाँटते थे।

एक दिन हिरन रोज की तरह अपने मित्रों से मिलने नहीं आया। तीनों मित्र चिंतित हो गए। कौवा हिरन को ढूँढने आकाश में उड़ चला। थोड़ी ही देर में उसने देखा कि हिरन एक बहेलिये के बिछाए जाल में फँस गया है और छटपटा रहा है। कौवा तुरंत वापस लौटा और चूहे तथा कछुए को सारी बात बताई। कछुए ने सुझाव दिया कि चूहा अपने तेज़ दाँतों से जाल काटकर हिरन को आज़ाद कर सकता है। कौवा चूहे को अपनी पीठ पर बैठाकर तुरंत हिरन के पास ले गया।

चूहे ने अपने पैने दाँतों से जाल कुतरना शुरू कर दिया। इसी बीच कछुआ भी धीरे-धीरे चलकर वहाँ पहुँच गया। तभी दूर से बहेलिया आता दिखाई दिया। चूहे ने जाल काटकर हिरन को आज़ाद कर दिया। हिरन कूदकर भाग गया, कौवा उड़ गया और चूहा बिल में घुस गया। पर बेचारा कछुआ धीमी चाल के कारण भाग नहीं सका और बहेलिये के हाथ लग गया। बहेलिये ने उसे थैले में बंद कर लिया और घर की ओर चल पड़ा।

तीनों मित्रों ने मिलकर फिर एक योजना बनाई। हिरन ने रास्ते में जाकर मरने का नाटक किया, कौवा उसकी पीठ पर बैठकर आँखें कोचने लगा। बहेलिये ने सोचा — मरा हुआ हिरन तो कछुए से बहुत बड़ा शिकार है। उसने थैला नीचे रखा और हिरन की ओर दौड़ा। इसी मौके पर चूहे ने थैला कुतरकर कछुए को बाहर निकाल दिया। कछुआ झट झील में कूद गया, हिरन उठकर भाग गया और कौवा उड़ गया। बहेलिया हाथ मलता रह गया। इस तरह चारों मित्रों ने अपनी सूझ-बूझ और एकता से अपने प्राण बचाए। कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि एकता में बल है और सच्चे मित्र संकट में सदा एक-दूसरे के काम आते हैं।


शब्दार्थ (Word Meanings)

शब्दअर्थ
झीलतालाब, बड़ा जलाशय
घना जंगलबहुत पेड़ों वाला वन
स्वच्छंदआज़ाद, बिना रोक-टोक के
काला-कलूटाबहुत काला
बहेलियाशिकारी, पक्षी या जानवर पकड़ने वाला
जालशिकार पकड़ने के लिए बुनी गई रस्सी की जाली
फँसनाउलझ जाना, बंधन में आ जाना
छटपटानातड़पना, बेचैन होकर हाथ-पाँव मारना
कुतरनादाँतों से काटना
पैनेतेज़, धारदार
फौरनतुरंत, उसी क्षण
आज़ादस्वतंत्र, मुक्त
यकीनविश्वास, भरोसा
थैलाबोरा, कपड़े का बड़ा झोला
शिकारपकड़ा गया जानवर
नाटकअभिनय, बहाना
हाथ मलनापछताना, अफ़सोस करना
एकतामेल-जोल, मिल-जुल कर रहना
सूझ-बूझबुद्धिमानी, समझदारी
संकटविपत्ति, मुसीबत

अभ्यास (Question Answers)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1: चार मित्र कहाँ रहते थे?
(क) नदी के किनारे (ख) झील के किनारे (ग) समुद्र के किनारे (घ) पहाड़ पर

उत्तरः (ख) झील के किनारे।

प्रश्न 2: कौवा कहाँ रहता था?
(क) आम के पेड़ पर (ख) पीपल के पेड़ पर (ग) जामुन के पेड़ पर (घ) झील में

उत्तरः (ग) जामुन के पेड़ पर।

प्रश्न 3: हिरन कहाँ फँस गया था?
(क) पिंजड़े में (ख) बहेलिये के जाल में (ग) झील में (घ) कुएँ में

उत्तरः (ख) बहेलिये के जाल में।

प्रश्न 4: हिरन को जाल से किसने आज़ाद किया?
(क) कौवे ने (ख) कछुए ने (ग) चूहे ने (घ) बहेलिये ने

उत्तरः (ग) चूहे ने।

प्रश्न 5: बहेलिये ने किसे थैले में बंद किया?
(क) हिरन को (ख) कौवे को (ग) चूहे को (घ) कछुए को

उत्तरः (घ) कछुए को।

प्रश्न 6: कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
(क) झूठ बोलना चाहिए (ख) एकता में बल है (ग) अकेला रहना अच्छा है (घ) शिकार करना ठीक है

उत्तरः (ख) एकता में बल है।

अति लघु प्रश्नोत्तर (Very Short Answers)

प्रश्न 1: चार मित्र कौन-कौन थे?

उत्तरः चार मित्र थे — कौवा, चूहा, कछुआ और हिरन।

प्रश्न 2: चारों मित्र कहाँ रहते थे?

उत्तरः चारों मित्र एक घने जंगल में एक झील के किनारे रहते थे।

प्रश्न 3: कौवा किस पेड़ पर रहता था?

उत्तरः कौवा जामुन के पेड़ पर रहता था।

प्रश्न 4: चूहा कहाँ रहता था?

उत्तरः चूहा झील के किनारे अपनी बिल में रहता था।

प्रश्न 5: कछुआ कहाँ रहता था?

उत्तरः कछुआ झील के पानी में रहता था।

प्रश्न 6: हिरन को ढूँढने कौन गया था?

उत्तरः हिरन को ढूँढने कौवा गया था।

प्रश्न 7: चूहे ने हिरन को कैसे आज़ाद किया?

उत्तरः चूहे ने अपने पैने दाँतों से जाल कुतरकर हिरन को आज़ाद किया।

प्रश्न 8: बहेलिया कौन होता है?

उत्तरः बहेलिया वह व्यक्ति होता है जो जाल बिछाकर पक्षी या जानवर पकड़ता है, अर्थात् शिकारी।

किसने किससे कहा?

(क) “मित्र, तुम घबराओ मत, हम तुम्हें बचा लेंगे।”

उत्तरः यह कौवे ने जाल में फँसे हिरन से कहा।

(ख) “चूहा अपने पैने दाँतों से जाल काटकर हिरन को आज़ाद कर सकता है।”

उत्तरः यह कछुए ने कौवे और चूहे से कहा।

(ग) “जल्दी ही दौड़ो, बहेलिये के पहुँचने से पहले काम पूरा कर डालो।”

उत्तरः यह कौवे ने चूहे और हिरन से कहा।

(घ) “तुम मरने का नाटक करो, मैं तुम्हारी पीठ पर बैठकर आँखें कोचने का अभिनय करूँगा।”

उत्तरः यह कौवे ने हिरन से कहा।

लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Questions)

प्रश्न 1: चारों मित्रों के बीच मित्रता कैसी थी?

उत्तरः चारों मित्रों के बीच बहुत गहरी और सच्ची मित्रता थी। वे रोज़ एक साथ झील के किनारे मिलते, बातें करते, खेलते और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देते थे। उनके बीच न जाति का भेद था, न रूप-रंग का — केवल प्रेम और विश्वास था।

प्रश्न 2: एक दिन तीनों मित्र चिंतित क्यों हो गए?

उत्तरः एक दिन हिरन रोज की तरह अपने मित्रों से मिलने नहीं आया। बहुत देर तक उसकी प्रतीक्षा करने के बाद भी जब वह नहीं आया तो कौवा, चूहा और कछुआ चिंतित हो गए। उन्हें डर लगा कि कहीं हिरन किसी मुसीबत में तो नहीं फँस गया।

प्रश्न 3: कौवे ने जाल में फँसे हिरन को देखकर क्या किया?

उत्तरः कौवे ने जब आकाश से देखा कि हिरन बहेलिये के जाल में फँसा छटपटा रहा है तो वह हिरन के पास उतरा और उसे ढाँढस बँधाया। फिर वह तुरंत उड़कर वापस आया और चूहे तथा कछुए को सारी बात बताई। उसने चूहे को अपनी पीठ पर बैठाया और शीघ्र ही हिरन के पास ले गया।

प्रश्न 4: कछुआ बहेलिये के हाथ क्यों लग गया?

उत्तरः जब चूहे ने जाल काटकर हिरन को आज़ाद किया तो हिरन कूदकर भाग गया, कौवा उड़ गया और चूहा अपनी बिल में घुस गया। पर कछुआ अपनी धीमी चाल के कारण समय रहते भाग नहीं सका, इसलिए बहेलिया उसे पकड़कर थैले में बंद कर ले गया।

प्रश्न 5: तीनों मित्रों ने कछुए को बचाने के लिए क्या उपाय निकाला?

उत्तरः तीनों मित्रों ने मिलकर एक चतुर योजना बनाई। हिरन ने बहेलिये के रास्ते में जाकर मरने का नाटक किया और कौवा उसकी पीठ पर बैठकर आँखें कोचने का अभिनय करने लगा। बहेलिये ने सोचा कि मरा हुआ हिरन कछुए से बड़ा शिकार है, इसलिए उसने थैला नीचे रखा और हिरन की ओर दौड़ा। इसी मौके पर चूहे ने थैला कुतरकर कछुए को आज़ाद कर दिया।

प्रश्न 6: बहेलिये के हाथ अंत में क्या लगा?

उत्तरः बहेलिये के हाथ अंत में कुछ भी नहीं लगा। हिरन उठकर भाग गया, कछुआ झील में कूद गया, चूहा बिल में घुस गया और कौवा उड़ गया। बहेलिया हाथ मलता रह गया और खाली थैला लेकर पछताते हुए घर लौट गया।

दीर्घ प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)

प्रश्न 1: ‘चार मित्र’ कहानी को अपने शब्दों में लिखो।

उत्तरः एक घने जंगल में एक झील के किनारे चार मित्र — कौवा, चूहा, कछुआ और हिरन — रहते थे। उनकी मित्रता बहुत गहरी थी। एक दिन हिरन अपने मित्रों से मिलने नहीं आया। कौवा उसे ढूँढने उड़ा और उसने देखा कि हिरन बहेलिये के जाल में फँसा है। उसने आकर बाकी मित्रों को बताया। कछुए की सलाह पर कौवा चूहे को अपनी पीठ पर बैठाकर हिरन के पास ले गया। चूहे ने अपने पैने दाँतों से जाल कुतरकर हिरन को आज़ाद कर दिया। तभी बहेलिया आ पहुँचा। हिरन भागा, कौवा उड़ा, चूहा बिल में घुसा, पर कछुआ धीमी चाल के कारण पकड़ा गया। बहेलिया उसे थैले में बंद करके चल पड़ा। तीनों मित्रों ने फिर एक योजना बनाई — हिरन ने मरने का नाटक किया, कौवा उसकी पीठ पर बैठा। बहेलिया हिरन की ओर दौड़ा और थैला नीचे रख दिया। चूहे ने थैला कुतरकर कछुए को आज़ाद कर दिया। चारों मित्र सुरक्षित बच गए और बहेलिया हाथ मलता रह गया। इस प्रकार सच्ची मित्रता और सूझ-बूझ ने सबको बचा लिया।

प्रश्न 2: इस कहानी से हमें क्या-क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तरः इस कहानी से हमें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं —

  • एकता में बल है — मिल-जुलकर कोई भी कठिन काम आसान हो जाता है।
  • सच्चे मित्र संकट में काम आते हैं — सुख में तो सब साथ देते हैं, परंतु सच्चा मित्र वही है जो विपत्ति में सहायता करे।
  • सूझ-बूझ से कठिन समस्याएँ हल हो जाती हैं — केवल बल से नहीं, बुद्धि से भी काम लेना चाहिए।
  • दोस्ती में जाति, रूप-रंग का भेद नहीं होना चाहिए — चारों मित्र अलग-अलग जीव होते हुए भी एक-दूसरे से प्रेम करते थे।
  • विपत्ति में धैर्य रखना चाहिए और बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए।

प्रश्न 3: चारों मित्रों के स्वभाव और गुणों का वर्णन करो।

उत्तरः कौवा चतुर, फुर्तीला और दूरदर्शी था। वह आकाश में उड़कर अपने मित्र की खोज कर सका और संकट में चतुर योजनाएँ बनाईं। चूहा छोटा होते हुए भी अपने पैने दाँतों और तेज़ी से अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ — उसने जाल भी काटा और थैला भी कुतरा। कछुआ बुद्धिमान और शांत स्वभाव का था; उसी की सलाह से चूहे को बुलाकर हिरन को बचाया गया। यद्यपि वह धीमा था, फिर भी उसकी समझदारी सबसे बड़ी थी। हिरन भोला, सरल और साहसी था; मरने के नाटक में उसने अपनी जान को जोखिम में डालकर मित्र को बचाया। चारों के अलग-अलग गुण मिलकर एक संपूर्ण मित्रता बनाते हैं।


व्याकरण (Grammar)

‘में’ और ‘मैं’ का प्रयोग

में‘ (कारक चिह्न — अधिकरण) किसी स्थान या भीतर के अर्थ में आता है। ‘मैं‘ (सर्वनाम) उत्तम पुरुष का सूचक है। नीचे उदाहरण देखिए —

वाक्यशब्द
हिरन जाल में फँस गया।में (कारक)
झील में कछुआ रहता था।में (कारक)
मैं तुम्हारा मित्र हूँ।मैं (सर्वनाम)
मैं जाल काट दूँगा।मैं (सर्वनाम)

‘र’ के तीन रूप

रूपनियमउदाहरण
पूर्ण ‘र’स्वतंत्र रूप में लिखा जाने वालाराम, रात, हिरन
रेफ ( र्‌ )व्यंजन के ऊपर लगता है — पहले ‘र’ आए तोकर्म, धर्म, मार्ग, सर्प
रकार ( ्र )व्यंजन के नीचे लगता है — बाद में ‘र’ आए तोप्रेम, ग्राम, क्रम, ट्रेन

वचन बदलो

एकवचनबहुवचन
मित्रमित्रों
हिरनहिरनों
पेड़पेड़ों
दाँतदाँतों
बातबातें
आँखआँखें

विलोम शब्द

शब्दविलोम
मित्रशत्रु
आज़ादक़ैद
सुखदुख
एकताफूट
तेज़धीमा
जीवनमृत्यु

रिक्त स्थान भरो

  • चारों मित्र एक झील के किनारे रहते थे।
  • कौवा जामुन के पेड़ पर रहता था।
  • हिरन बहेलिये के जाल में फँस गया।
  • चूहे ने अपने पैने दाँतों से जाल काटा।
  • बहेलिये ने कछुए को थैले में बंद किया।
  • एकता में बल है।

Summary (English)

Lesson 2 of ASSEB Class 7 Hindi (Elective) Pallav Bhag-2, “चार मित्र” (Four Friends), is a Panchatantra-style story about a crow, a mouse, a tortoise and a deer who live as close friends near a lake in a dense forest. One day the deer gets caught in a hunter’s net. The crow spots him from the sky, the tortoise advises that the mouse can gnaw through the net with his sharp teeth, and the crow carries the mouse on his back to free the deer. While escaping, the slow-moving tortoise is captured by the hunter and put into a sack. The three friends quickly devise a plan: the deer pretends to be dead while the crow pecks at him. Tempted by the bigger prey, the hunter sets the sack down and runs toward the deer. In that moment the mouse gnaws open the sack and frees the tortoise. All four friends escape and the hunter is left empty-handed. The story teaches that unity is strength and that true friends always stand by each other in times of crisis, using wisdom and cooperation to overcome danger.

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