HSLC Guru

हिंद देश के निवासी – Class 6 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-1

ASSEB Class 6 Hindi (Elective) पल्लव भाग-1 का पद्य 8 “हिंद देश के निवासी” एक प्रसिद्ध बाल-देशभक्ति गीत है। इस कविता में कवि ने भारत के सभी निवासियों — हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — को एक ही माँ भारती की संतान बताते हुए राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और मेल-मिलाप का संदेश दिया है। कवि बच्चों को संबोधित करते हुए कहते हैं कि हम सभी एक ही चमन (बगीचे) के फूल हैं, एक ही गुलिस्ताँ (फुलवाड़ी) के बुलबुल हैं, इसलिए हमें परस्पर प्रेम और सद्भाव से रहना चाहिए। यह कविता बच्चों के मन में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भाव की भावना जगाती है।


कविता (Poem Text)

हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं।
रंग-रूप, वेश-भाषा चाहे अनेक हैं॥

बेला, गुलाब, जूही, चम्पा, चमेली।
हैं फूल भाँति-भाँति के, पर हार एक है॥

कोयल की कूक, मोर का नर्तन सुहावना।
गाते हैं भाँति-भाँति के पंछी, चमन एक है॥

मन्दिर, शिवाले, गुरुद्वारे, गिरिजाघर कहीं।
मस्जिद कहीं हैं, पर सभी का देश एक है॥

हिन्दू, मुसलमाँ, सिख, ईसाई आपस में सब भाई।
आपस का बैर भुला, बस मानव धर्म एक है॥


पाठ-परिचय (Summary)

“हिंद देश के निवासी” एक मधुर देशभक्ति-गीत है जिसमें कवि ने भारत की विविधता में एकता का सुंदर वर्णन किया है। कवि कहते हैं कि भारत के सभी निवासियों के रंग-रूप, वेश-भूषा और भाषा भले ही अलग-अलग हों, परंतु वे सब एक ही देश के नागरिक हैं। जिस प्रकार बेला, गुलाब, जूही, चम्पा और चमेली जैसे विभिन्न फूलों से एक ही माला बनती है, उसी प्रकार भारत के विभिन्न धर्म, जाति और भाषा के लोग मिलकर एक राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

कवि आगे कहते हैं कि भारत में कहीं मन्दिर है, कहीं शिवाला, कहीं गुरुद्वारा, तो कहीं गिरिजाघर एवं मस्जिद हैं। यद्यपि पूजा-स्थल अलग-अलग हैं, परंतु देश सबका एक ही है। हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई — ये सब आपस में भाई हैं। हमें आपसी बैर-भाव भुलाकर मानव-धर्म को सर्वोपरि मानना चाहिए। यह कविता बच्चों को राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश देती है।


शब्दार्थ

शब्दअर्थ
हिंदभारत (India)
निवासीरहने वाले (Inhabitants, residents)
जनलोग (People)
रंग-रूपशक्ल-सूरत (Appearance, complexion)
वेशपहनावा (Dress, attire)
भाषाबोली (Language)
अनेकबहुत-से (Many)
बेलाएक प्रकार का सुगंधित फूल (A fragrant flower)
गुलाबएक सुगंधित फूल (Rose)
जूहीसफ़ेद रंग का सुगंधित फूल (Jasmine variety)
चम्पाएक पीले रंग का सुगंधित फूल (Champa flower)
चमेलीसुगंधित सफ़ेद फूल (Jasmine)
भाँति-भाँतितरह-तरह के (Various, of different kinds)
हारमाला (Garland)
कूककोयल की मीठी आवाज़ (Cuckoo’s call)
नर्तननाच (Dance)
सुहावनासुंदर, मनोहर (Pleasant, charming)
पंछीपक्षी (Birds)
चमनबग़ीचा, उपवन (Garden)
मन्दिरहिन्दुओं का पूजा-स्थल (Hindu temple)
शिवालाशिवजी का मन्दिर (Shiva temple)
गुरुद्वारासिखों का पूजा-स्थल (Sikh place of worship)
गिरिजाघरईसाइयों का पूजा-स्थल (Church)
मस्जिदमुसलमानों का पूजा-स्थल (Mosque)
बैरदुश्मनी, शत्रुता (Enmity, hostility)
भुलाभुलाकर (Forgetting)
मानव धर्ममनुष्यता, इंसानियत (Humanity, human duty)
आपसपरस्पर, एक-दूसरे में (Mutual, among ourselves)
गुलिस्ताँफुलवाड़ी, बग़ीचा (Flower garden)

अभ्यास (Question Answers)

अभ्यास-माला : पाठ से प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1: ‘हिंद देश के निवासी’ कविता को कक्षा में लय के साथ सस्वर गाओ।

उत्तरः यह कार्य विद्यार्थी स्वयं अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में करें। इस कविता को कक्षा में लय और स्वर के साथ सामूहिक रूप से गाना चाहिए जिससे सभी बच्चों के मन में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना जागृत हो।

प्रश्न 2: इस कविता का मुख्य भाव/संदेश क्या है?

उत्तरः इस कविता का मुख्य भाव/संदेश है — “विविधता में एकता”। कवि बताते हैं कि भारत के निवासियों के रंग-रूप, वेश-भाषा, धर्म और पूजा-पद्धति भले ही अनेक हों, परंतु वे सब एक ही देश के नागरिक हैं और आपस में भाई-भाई हैं। हमें आपसी बैर-भाव भुलाकर मानव-धर्म को सर्वोपरि मानना चाहिए और मेल-मिलाप के साथ रहना चाहिए। यह कविता राष्ट्रीय एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश देती है।


अभ्यास-माला : लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Questions)

प्रश्न (क): हिंद देश के निवासी कैसे हैं?

उत्तरः हिंद देश के निवासी सब एक हैं। यद्यपि उनके रंग-रूप, वेश-भूषा और भाषा अलग-अलग हैं, फिर भी वे सब एक ही देश के नागरिक हैं और एक-दूसरे के भाई हैं।

प्रश्न (ख): हिंद देशवासियों में कौन-कौन-सी विभिन्नताएँ हैं?

उत्तरः हिंद देशवासियों में निम्नलिखित विभिन्नताएँ हैं — रंग-रूप, वेश-भूषा (पहनावा), भाषा, धर्म तथा पूजा-पद्धति। कोई हिन्दू है, कोई मुसलमान है, कोई सिख है तो कोई ईसाई है। किसी का पूजा-स्थल मन्दिर है, किसी का गुरुद्वारा, किसी का गिरिजाघर तथा किसी का मस्जिद है। फिर भी, सबका देश एक ही है।

प्रश्न (ग): कवि ने अनेक फूलों के नाम क्यों गिनाए हैं?

उत्तरः कवि ने बेला, गुलाब, जूही, चम्पा और चमेली जैसे अनेक फूलों के नाम इसलिए गिनाए हैं ताकि वे यह स्पष्ट कर सकें कि जिस प्रकार ये भिन्न-भिन्न रंगों, गंधों और रूपों के फूल मिलकर एक सुंदर माला बनाते हैं, उसी प्रकार भारत के विभिन्न धर्म, जाति और भाषा के लोग मिलकर एक सुंदर राष्ट्र-रूपी माला का निर्माण करते हैं। फूल अनेक हैं, परंतु हार एक है — यही ‘विविधता में एकता’ का सुंदर संदेश है।

प्रश्न (घ): “फूल भाँति-भाँति के, पर हार एक है” — पंक्ति का भाव स्पष्ट करो।

उत्तरः इस पंक्ति का भाव यह है कि बाग़ में अलग-अलग रंग, गंध और रूप के अनेक फूल खिलते हैं, परंतु जब उनको एक धागे में पिरोया जाता है तब उन सबसे एक ही सुंदर माला बनती है। ठीक उसी प्रकार भारत में अनेक धर्म, जाति, भाषा और संस्कृति के लोग रहते हैं, परंतु वे सब मिलकर एक ही राष्ट्र — भारत — का निर्माण करते हैं। यह पंक्ति “अनेकता में एकता” का गहरा संदेश देती है।

प्रश्न (ङ): भारत में कौन-कौन-से पूजा-स्थल हैं?

उत्तरः भारत में अनेक प्रकार के पूजा-स्थल हैं — हिन्दुओं के मन्दिर एवं शिवाले, सिखों के गुरुद्वारे, ईसाइयों के गिरिजाघर और मुसलमानों की मस्जिदें। पूजा-स्थल भले ही अलग-अलग हैं, पर सबका देश एक — भारत — ही है।

प्रश्न (च): “मानव धर्म एक है” से कवि का क्या तात्पर्य है?

उत्तरः “मानव धर्म एक है” से कवि का तात्पर्य है कि सब मनुष्यों का सबसे बड़ा धर्म मनुष्यता (इंसानियत) है। हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई — चाहे जिस धर्म के हों, सबको पहले एक अच्छा इंसान बनना चाहिए। आपसी बैर भुलाकर प्रेम, करुणा, दया, सहयोग और भाईचारे से रहना ही सच्चा मानव-धर्म है। यही धर्म सबको एक सूत्र में बाँधता है।

प्रश्न (छ): “आपस का बैर भुला” — इस पंक्ति का संदेश क्या है?

उत्तरः इस पंक्ति का संदेश यह है कि हमें धर्म, जाति, भाषा अथवा क्षेत्र के नाम पर आपस में लड़ना-झगड़ना नहीं चाहिए। हमें परस्पर के सब बैर-भाव, द्वेष और घृणा को भुलाकर एक-दूसरे से प्रेम और मेल-मिलाप के साथ रहना चाहिए। तभी देश में सच्ची एकता, शांति और प्रगति संभव है।


पाठ के आस-पास

प्रश्न 1: तुम्हारे विद्यालय में कौन-कौन-से धर्मों के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं?

उत्तरः (नमूना उत्तर) हमारे विद्यालय में हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई एवं बौद्ध धर्म के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं। हम सब आपस में अच्छे मित्र हैं, एक साथ खेलते हैं, एक साथ पढ़ाई करते हैं और एक-दूसरे के त्योहारों में भी सम्मिलित होते हैं। (विद्यार्थी अपने विद्यालय के अनुसार उत्तर लिख सकते हैं।)

प्रश्न 2: हम कौन-कौन-से त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं? सूची बनाओ।

उत्तरः भारत में हम मिल-जुलकर अनेक त्योहार मनाते हैं —

  • दीपावली — हिन्दुओं का प्रकाश-पर्व।
  • होली — रंगों का त्योहार।
  • ईद-उल-फ़ितर — मुसलमानों का त्योहार।
  • क्रिसमस — ईसाइयों का त्योहार।
  • गुरु नानक जयंती — सिखों का प्रमुख त्योहार।
  • बुद्ध-पूर्णिमा — बौद्धों का त्योहार।
  • बिहू — असम का राष्ट्रीय पर्व।
  • दुर्गा-पूजा, सरस्वती-पूजा, रक्षा-बंधन आदि।
  • स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गांधी जयंती (2 अक्टूबर) — राष्ट्रीय पर्व।

प्रश्न 3: तुम अपने पड़ोसियों के साथ कैसा व्यवहार करते हो?

उत्तरः (नमूना उत्तर) हम अपने पड़ोसियों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करते हैं। हम उनसे मिलते-जुलते रहते हैं, सुख-दुख में सम्मिलित होते हैं तथा एक-दूसरे की सहायता करते हैं। उनके धर्म, जाति या भाषा का कोई भेद नहीं रखते। हम उनके त्योहारों में मिठाइयाँ बाँटते हैं और वे भी हमारे त्योहारों में सम्मिलित होते हैं। पड़ोसी हमारे लिए परिवार के समान हैं।

प्रश्न 4: भारत के कुछ राष्ट्रीय प्रतीकों के नाम लिखो।

उत्तरः भारत के प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीक इस प्रकार हैं —

  • राष्ट्रीय ध्वज — तिरंगा (केसरिया, सफ़ेद, हरा)।
  • राष्ट्रगान — जन-गण-मन।
  • राष्ट्रगीत — वन्दे मातरम्।
  • राष्ट्रीय पशु — बाघ।
  • राष्ट्रीय पक्षी — मोर।
  • राष्ट्रीय फूल — कमल।
  • राष्ट्रीय फल — आम।
  • राष्ट्रीय वृक्ष — बरगद।
  • राष्ट्रीय खेल — हॉकी।
  • राष्ट्रीय नदी — गंगा।
  • राष्ट्रीय चिह्न — अशोक स्तम्भ (चार सिंह वाला)।

भाषा-अध्ययन (Grammar)

प्रश्न 1: निम्नलिखित शब्दों का वर्ण-विच्छेद करो।

शब्दवर्ण-विच्छेद
हिंदह् + इ + न् + द् + अ
निवासीन् + इ + व् + आ + स् + ई
गुलाबग् + उ + ल् + आ + ब् + अ
चमेलीच् + अ + म् + ए + ल् + ई
मन्दिरम् + अ + न् + द् + इ + र् + अ
मस्जिदम् + अ + स् + ज् + इ + द् + अ

प्रश्न 2: निम्नलिखित शब्दों के विलोम (विपरीतार्थक) शब्द लिखो।

शब्दविलोम
एकअनेक
प्रेमबैर / घृणा
यादभूल
स्वदेशविदेश
सुगंधदुर्गंध
सुंदरअसुंदर / कुरूप

प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखो।

शब्दपर्यायवाची
हिंदभारत, हिन्दुस्तान, आर्यावर्त
फूलपुष्प, सुमन, कुसुम, प्रसून
चमनबग़ीचा, उपवन, उद्यान, वाटिका
पंछीपक्षी, खग, विहग
मन्दिरदेवालय, देवस्थान
देशराष्ट्र, मुल्क, वतन

प्रश्न 4: निम्नलिखित शब्दों से वाक्य बनाओ।

  • हिंद — हिंद देश के निवासी सब एक हैं।
  • निवासी — हम भारत के निवासी हैं।
  • एकता — एकता में बहुत बल होता है।
  • हार — माँ ने फूलों का सुंदर हार बनाया।
  • चमन — चमन में रंग-बिरंगे फूल खिले हैं।
  • भाई — हम सब आपस में भाई-भाई हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. “हिंद देश के निवासी” कविता किसे संबोधित है?
(क) सैनिकों को   (ख) भारत के सब लोगों को   (ग) किसानों को   (घ) नेताओं को
उत्तरः (ख) भारत के सब लोगों को

2. “हिंद देश के निवासी सभी जन ___ हैं।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) अनेक   (ख) भिन्न   (ग) एक   (घ) दो
उत्तरः (ग) एक

3. कविता में किन फूलों का उल्लेख किया गया है?
(क) कमल और गेंदा   (ख) बेला, गुलाब, जूही, चम्पा, चमेली   (ग) सूरजमुखी और गुलाब   (घ) चमेली और कमल
उत्तरः (ख) बेला, गुलाब, जूही, चम्पा, चमेली

4. “फूल भाँति-भाँति के, पर ___ एक है” — रिक्त स्थान भरो।
(क) चमन   (ख) हार   (ग) देश   (घ) बाग़
उत्तरः (ख) हार

5. “गाते हैं भाँति-भाँति के पंछी, ___ एक है” — रिक्त स्थान भरो।
(क) घर   (ख) चमन   (ग) हार   (घ) देश
उत्तरः (ख) चमन

6. “हिन्दू, मुसलमाँ, सिख, ईसाई आपस में सब ___ हैं।” — रिक्त स्थान भरो।
(क) मित्र   (ख) भाई   (ग) पड़ोसी   (घ) नागरिक
उत्तरः (ख) भाई

7. “चमन” शब्द का अर्थ क्या है?
(क) घर   (ख) देश   (ग) बाग़, उपवन   (घ) पहाड़
उत्तरः (ग) बाग़, उपवन

8. “हार” शब्द का इस कविता में क्या अर्थ है?
(क) पराजय   (ख) माला   (ग) पुरस्कार   (घ) सिक्का
उत्तरः (ख) माला

9. कविता में हिंद देशवासियों में किन-किन बातों की भिन्नता बताई गई है?
(क) रंग-रूप   (ख) वेश-भूषा   (ग) भाषा   (घ) ये सभी
उत्तरः (घ) ये सभी

10. कविता के अनुसार सबका धर्म एक — कौन-सा है?
(क) हिन्दू धर्म   (ख) इस्लाम धर्म   (ग) मानव धर्म   (घ) ईसाई धर्म
उत्तरः (ग) मानव धर्म

11. “गुरुद्वारा” किस धर्म का पूजा-स्थल है?
(क) हिन्दू   (ख) मुसलमान   (ग) सिख   (घ) ईसाई
उत्तरः (ग) सिख

12. “गिरिजाघर” किस धर्म का पूजा-स्थल है?
(क) हिन्दू   (ख) मुसलमान   (ग) सिख   (घ) ईसाई
उत्तरः (घ) ईसाई

13. “मस्जिद” किस धर्म का पूजा-स्थल है?
(क) हिन्दू   (ख) मुसलमान   (ग) सिख   (घ) बौद्ध
उत्तरः (ख) मुसलमान

14. “बैर” शब्द का अर्थ क्या है?
(क) मित्रता   (ख) दुश्मनी, शत्रुता   (ग) भाईचारा   (घ) प्रेम
उत्तरः (ख) दुश्मनी, शत्रुता

15. इस कविता का प्रमुख संदेश क्या है?
(क) धन-संपत्ति   (ख) विविधता में एकता   (ग) युद्ध   (घ) अकेलापन
उत्तरः (ख) विविधता में एकता


अतिरिक्त प्रश्नोत्तर (Additional Questions and Answers)

प्रश्न 1: “हिंद देश के निवासी” कविता का मुख्य विषय क्या है?

उत्तरः इस कविता का मुख्य विषय है — राष्ट्रीय एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव। कवि बताते हैं कि भारत के सभी निवासियों के रंग-रूप, वेश-भूषा, भाषा एवं धर्म अलग-अलग होते हुए भी वे सब एक राष्ट्र के नागरिक हैं तथा एक-दूसरे के भाई हैं। हम सबको आपसी बैर भुलाकर मानव-धर्म का पालन करना चाहिए। यही ‘विविधता में एकता’ का मूल भाव है।

प्रश्न 2: “रंग-रूप, वेश-भाषा चाहे अनेक हैं” — पंक्ति का भाव स्पष्ट करो।

उत्तरः इस पंक्ति का भाव यह है कि भारत में रहने वाले लोगों के रंग-रूप, पहनावा एवं भाषा भले ही अनेक प्रकार के हों — कोई गोरा है तो कोई साँवला, कोई धोती-कुर्ता पहनता है तो कोई पठानी सूट, कोई हिन्दी बोलता है तो कोई असमिया, बंगाली, तमिल अथवा पंजाबी — परंतु इस बाहरी भिन्नता के बावजूद वे सब एक ही देश के निवासी हैं। बाहरी विविधता आंतरिक एकता को नहीं तोड़ सकती।

प्रश्न 3: कवि ने कोयल और मोर का उल्लेख क्यों किया है?

उत्तरः कवि ने कोयल की मीठी कूक एवं मोर के सुहावने नर्तन का उल्लेख इसलिए किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चमन में अनेक प्रकार के पंछी रहते और गाते हैं। उनकी आवाज़ें भिन्न-भिन्न हैं, परंतु बग़ीचा (चमन) सबका एक ही है। ठीक उसी प्रकार भारत में अनेक धर्मों एवं जातियों के लोग रहते हैं — पर देश सबका एक ही है। यह उदाहरण ‘अनेकता में एकता’ को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 4: “मन्दिर, शिवाले, गुरुद्वारे, गिरिजाघर कहीं। मस्जिद कहीं हैं, पर सभी का देश एक है” — इन पंक्तियों का अर्थ बताओ।

उत्तरः इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि भारत में अनेक धर्मों के अलग-अलग पूजा-स्थल हैं — हिन्दुओं के मन्दिर एवं शिवाले, सिखों के गुरुद्वारे, ईसाइयों के गिरिजाघर तथा मुसलमानों की मस्जिदें। यद्यपि लोग अलग-अलग धार्मिक स्थलों में अपनी-अपनी पद्धति से ईश्वर की उपासना करते हैं, परंतु इन सबका देश एक ही है — भारत। पूजा-पद्धति भिन्न होने पर भी देश एक है।

प्रश्न 5: “हिन्दू, मुसलमाँ, सिख, ईसाई आपस में सब भाई” — पंक्ति का भाव लिखो।

उत्तरः इस पंक्ति का भाव यह है कि चाहे कोई हिन्दू हो, मुसलमान हो, सिख हो अथवा ईसाई — वे सब आपस में भाई-भाई हैं क्योंकि वे एक ही देश के नागरिक हैं और एक ही माँ भारती की संतान हैं। उनमें कोई भेदभाव नहीं है। यह पंक्ति राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारे का संदेश देती है तथा साम्प्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देती है।

प्रश्न 6: इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

उत्तरः इस कविता से हमें निम्नलिखित प्रेरणाएँ मिलती हैं —

  • हमें अपने देश से अटूट प्रेम करना चाहिए।
  • धर्म, जाति, भाषा एवं क्षेत्र के नाम पर भेदभाव नहीं करना चाहिए।
  • सभी देशवासियों को आपस में भाई-भाई समझना चाहिए।
  • आपसी बैर एवं शत्रुता को भुलाकर मेल-मिलाप से रहना चाहिए।
  • मानव-धर्म (इंसानियत) को सर्वोपरि मानना चाहिए।
  • भारत की ‘विविधता में एकता’ को बनाए रखना चाहिए।
  • देश की उन्नति, शांति एवं समृद्धि के लिए सब मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए।

प्रश्न 7: “अनेकता में एकता” के कुछ उदाहरण भारत के संदर्भ में दो।

उत्तरः भारत में ‘अनेकता में एकता’ के अनेक उदाहरण हैं —

  • धर्म — भारत में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन — सब धर्म एक साथ रहते हैं।
  • भाषा — हिन्दी, असमिया, बंगाली, तमिल, तेलुगू, मराठी, पंजाबी आदि अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं, परंतु सब भारतीय हैं।
  • त्योहार — दीपावली, ईद, क्रिसमस, बैसाखी, बिहू — सब त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।
  • वेश-भूषा — साड़ी, धोती, सलवार-कुर्ता, मेखला-चादर — सब भारत की पहचान हैं।
  • भोजन — हर प्रदेश का अपना अलग व्यंजन है, पर सब भारतीय भोजन-संस्कृति का अंग हैं।
  • राष्ट्र-ध्वज — एक ही तिरंगा सबका राष्ट्र-ध्वज है।

प्रश्न 8: हमें अपने देश की एकता को बनाए रखने के लिए क्या-क्या करना चाहिए?

उत्तरः अपने देश की एकता को बनाए रखने के लिए हमें निम्नलिखित कार्य करने चाहिए —

  • सभी धर्मों, जातियों एवं भाषाओं का सम्मान करना चाहिए।
  • आपस में भाईचारा बनाए रखना चाहिए।
  • राष्ट्रीय त्योहारों — स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गांधी जयंती आदि — को मिल-जुलकर मनाना चाहिए।
  • राष्ट्र-ध्वज (तिरंगा) एवं राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करना चाहिए।
  • देश-विरोधी अथवा साम्प्रदायिक तत्वों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
  • दूसरे धर्मों के पूजा-स्थलों, त्योहारों एवं रीति-रिवाजों का सम्मान करना चाहिए।
  • एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए और देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए।

प्रश्न 9: इस कविता में फूलों, पंछियों एवं पूजा-स्थलों के उदाहरण क्यों दिए गए हैं?

उत्तरः इस कविता में फूलों, पंछियों एवं पूजा-स्थलों के उदाहरण इसलिए दिए गए हैं ताकि कवि “विविधता में एकता” के विचार को सरल और चित्रमय भाषा में बच्चों तक पहुँचा सकें। बेला, गुलाब, चमेली आदि अनेक फूल मिलकर एक माला बनाते हैं; अनेक पंछी एक ही चमन में रहते हैं; तथा अनेक धर्मों के पूजा-स्थल एक ही देश में हैं। ये सहज उदाहरण बच्चों को यह समझाते हैं कि बाहरी भिन्नता होते हुए भी आंतरिक एकता संभव है।

प्रश्न 10: “मानव धर्म” से तुम क्या समझते हो?

उत्तरः “मानव धर्म” से तात्पर्य है — मनुष्य होने का सबसे बड़ा कर्तव्य अर्थात् इंसानियत। मानव-धर्म वह धर्म है जो किसी विशेष जाति, धर्म अथवा पंथ का नहीं है, बल्कि सब मनुष्यों का है। प्रेम, करुणा, सहयोग, दया, सत्य, अहिंसा, सहिष्णुता एवं भाईचारा — ये सब मानव-धर्म के मुख्य अंग हैं। दूसरों के सुख-दुख में सम्मिलित होना, ज़रूरतमंदों की सहायता करना तथा सब प्राणियों के साथ अच्छा व्यवहार करना ही सच्चा मानव-धर्म है। यही धर्म सबसे ऊँचा है।


Summary (English)

“Hind Desh Ke Nivasi” is the eighth lesson (a patriotic poem) in ASSEB Class 6 Hindi (Elective) Pallav Bhag-1. In this poem, the poet conveys the timeless message of “unity in diversity”. He says that all the inhabitants of India are one, even though their colour, appearance, dress and language may be many. Just as different flowers — bela, rose, juhi, champa and chameli — are strung together into a single beautiful garland, and just as cuckoos, peacocks and many kinds of birds sing in one and the same garden, the diverse people of India also belong to one nation. There are temples, Shiva-shrines, gurudwaras, churches and mosques in different places, but the country is one for all. Hindus, Muslims, Sikhs and Christians are all brothers; we must forget our mutual enmities, for the religion of all humanity is one. The poem teaches young readers the values of patriotism, national integration, brotherhood and communal harmony, reminding them that “Hind desh ke nivasi sabhi jan ek hain” — all the people of India are one.

Leave a Comment