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चलो, तेजपुर चलें – Class 6 Hindi Elective Question Answer | ASSEB | पल्लव भाग-1

यहाँ ASSEB (Assam State Board of Secondary Education) कक्षा 6 के हिंदी (ऐच्छिक/तृतीय भाषा) की पाठ्यपुस्तक पल्लव भाग-1 के पाठ 9 – चलो, तेजपुर चलें के सभी प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं। यह पाठ एक यात्रा-वृतान्त (travelogue) है, जिसमें लेखक अपने मित्रों और परिवार के साथ असम के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरे नगर तेजपुर की यात्रा का सजीव वर्णन करते हैं। इस पाठ के माध्यम से छात्र तेजपुर के प्रसिद्ध स्थलों — अग्निगढ़, चित्रलेखा उद्यान, महाभैरव मंदिर, बामुनी पहाड़, कोलिया भोमोरा सेतु आदि — के बारे में जानते हैं और असम की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर से परिचित होते हैं।


पाठ-परिचय (Summary)

तेजपुर असम का एक अत्यंत प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है, जो ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बसा हुआ है। इसे “शोणितपुर” के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार राजा बाणासुर की राजधानी यहीं थी और उसी की पुत्री ऊषा एवं भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध के प्रेम-प्रसंग की कथा इसी नगर से जुड़ी हुई है। तेजपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थलों, मंदिरों और उद्यानों के कारण असम का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इसे “सांस्कृतिक राजधानी” भी कहा जाता है।

लेखक ने अपने मित्रों के साथ तेजपुर भ्रमण की योजना बनाई। वहाँ पहुँचकर उन्होंने सबसे पहले अग्निगढ़ देखा, जो एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। कहा जाता है कि बाणासुर ने अपनी पुत्री ऊषा को अनिरुद्ध से अलग रखने के लिए चारों ओर अग्नि की दीवार बनाकर यहीं रखा था, इसी कारण इसका नाम ‘अग्निगढ़’ पड़ा। वहाँ से ब्रह्मपुत्र का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। इसके बाद उन्होंने चित्रलेखा उद्यान देखा — यह एक सुंदर पार्क है जिसमें प्राचीन मूर्तियाँ, झील, नाव-विहार और बच्चों के लिए मनोरंजन के साधन हैं। इसका नाम ऊषा की सहेली चित्रलेखा के नाम पर रखा गया है।

इसके बाद यात्री दल ने महाभैरव मंदिर के दर्शन किए, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर है। फिर उन्होंने बामुनी पहाड़, दा-पर्वतीया के प्राचीन मंदिर के अवशेष और कोलिया भोमोरा सेतु देखा, जो ब्रह्मपुत्र नदी पर बना हुआ एक लम्बा पुल है। तेजपुर की यात्रा से लेखक के मन में असम की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति एवं प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति श्रद्धा और गर्व की भावना उत्पन्न हुई। यह पाठ हमें अपनी मातृभूमि के ऐतिहासिक स्थलों को जानने और उन पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।


शब्दार्थ

शब्दअर्थ
यात्रा-वृतान्तयात्रा का वर्णन
शोणितपुरतेजपुर का प्राचीन नाम (शोणित = रक्त)
ऐतिहासिकइतिहास से जुड़ा हुआ
पौराणिकपुराणों से सम्बन्धित
राजधानीराज्य का मुख्य नगर
भ्रमणघूमना, सैर
अग्निगढ़आग का किला; तेजपुर की एक ऐतिहासिक पहाड़ी
उद्यानबगीचा, पार्क
मंदिरदेवस्थान, पूजागृह
सेतुपुल
तटकिनारा
दृश्यदिखाई देने वाला नज़ारा
अद्भुतअनोखा, आश्चर्यजनक
मूर्तिप्रतिमा
अवशेषबचा हुआ भाग, खण्डहर
सहेलीसखी, मित्र (स्त्रीलिंग)
श्रद्धाआदरपूर्ण भक्ति
गर्वअभिमान, फख़्र
सांस्कृतिकसंस्कृति से सम्बन्धित
धरोहरविरासत, पुरखों से प्राप्त सम्पत्ति
प्रेरणाउत्साह देने वाली शक्ति
पर्यटनघूमने-फिरने के लिए स्थान देखना

अभ्यास (Question Answers)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

प्रश्न 1: तेजपुर असम के किस नदी के किनारे बसा है?
(क) बराक (ख) ब्रह्मपुत्र (ग) सुबनसिरी (घ) कोपिली

उत्तरः (ख) ब्रह्मपुत्र।

प्रश्न 2: तेजपुर का प्राचीन नाम क्या था?
(क) कामरूप (ख) प्रागज्योतिषपुर (ग) शोणितपुर (घ) हाजो

उत्तरः (ग) शोणितपुर।

प्रश्न 3: अग्निगढ़ का सम्बन्ध किस पौराणिक पात्र से है?
(क) सीता (ख) ऊषा (ग) द्रौपदी (घ) राधा

उत्तरः (ख) ऊषा।

प्रश्न 4: चित्रलेखा उद्यान का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
(क) रानी चित्रलेखा (ख) ऊषा की सहेली चित्रलेखा (ग) कवि चित्रलेखा (घ) देवी चित्रलेखा

उत्तरः (ख) ऊषा की सहेली चित्रलेखा।

प्रश्न 5: महाभैरव मंदिर किस देवता को समर्पित है?
(क) विष्णु (ख) ब्रह्मा (ग) शिव (घ) गणेश

उत्तरः (ग) शिव।

प्रश्न 6: कोलिया भोमोरा सेतु किस नदी पर बना है?
(क) बराक (ख) ब्रह्मपुत्र (ग) धनसिरी (घ) कोपिली

उत्तरः (ख) ब्रह्मपुत्र।

प्रश्न 7: बाणासुर कौन था?
(क) तेजपुर का राजा (ख) मथुरा का राजा (ग) अयोध्या का राजा (घ) कामरूप का राजा

उत्तरः (क) तेजपुर (शोणितपुर) का राजा।

प्रश्न 8: अनिरुद्ध किसके पौत्र थे?
(क) श्रीराम (ख) श्रीकृष्ण (ग) बलराम (घ) अर्जुन

उत्तरः (ख) श्रीकृष्ण।

अति लघु प्रश्नोत्तर (Very Short Answers)

प्रश्न 1: तेजपुर कहाँ स्थित है?

उत्तरः तेजपुर असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है।

प्रश्न 2: तेजपुर का प्राचीन नाम क्या था?

उत्तरः तेजपुर का प्राचीन नाम शोणितपुर था।

प्रश्न 3: तेजपुर को ‘सांस्कृतिक राजधानी’ क्यों कहा जाता है?

उत्तरः तेजपुर अपनी समृद्ध कला, संगीत, साहित्य और ऐतिहासिक धरोहर के कारण असम की ‘सांस्कृतिक राजधानी’ कहलाता है।

प्रश्न 4: अग्निगढ़ नाम क्यों पड़ा?

उत्तरः बाणासुर ने अपनी पुत्री ऊषा को अनिरुद्ध से अलग रखने के लिए जिस पहाड़ी के चारों ओर अग्नि की दीवार खड़ी की थी, उसे ही ‘अग्निगढ़’ (आग का किला) कहा गया।

प्रश्न 5: चित्रलेखा कौन थी?

उत्तरः चित्रलेखा राजकुमारी ऊषा की प्रिय सहेली थी, जो चित्र बनाने में बहुत निपुण थी। उसी ने स्वप्न में देखे गए अनिरुद्ध का चित्र बनाकर ऊषा को दिखाया था।

प्रश्न 6: महाभैरव मंदिर किस देवता का है?

उत्तरः महाभैरव मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन मंदिर है।

प्रश्न 7: कोलिया भोमोरा सेतु क्या है?

उत्तरः कोलिया भोमोरा सेतु तेजपुर के पास ब्रह्मपुत्र नदी पर बना हुआ एक लंबा पुल है, जो उत्तर असम और दक्षिण असम को जोड़ता है।

प्रश्न 8: दा-पर्वतीया में क्या प्रसिद्ध है?

उत्तरः दा-पर्वतीया में छठी शताब्दी के एक प्राचीन मंदिर के अवशेष पाए जाते हैं, जिसका द्वार-स्तंभ अत्यंत सुंदर शिल्प-कला का उदाहरण है।

रिक्त स्थान भरो

  • तेजपुर का प्राचीन नाम शोणितपुर था।
  • तेजपुर ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा है।
  • अग्निगढ़ का सम्बन्ध राजकुमारी ऊषा से है।
  • चित्रलेखा उद्यान का नाम ऊषा की सहेली चित्रलेखा के नाम पर रखा गया है।
  • महाभैरव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
  • कोलिया भोमोरा सेतु ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है।
  • तेजपुर असम की सांस्कृतिक राजधानी कहलाती है।

सही/गलत बताओ

  • तेजपुर बराक नदी के किनारे बसा है। — गलत (ब्रह्मपुत्र के किनारे)
  • अग्निगढ़ एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। — सही
  • चित्रलेखा अनिरुद्ध की सहेली थी। — गलत (वह ऊषा की सहेली थी)
  • महाभैरव मंदिर भगवान विष्णु का है। — गलत (शिव का है)
  • तेजपुर का दूसरा नाम शोणितपुर है। — सही
  • कोलिया भोमोरा सेतु एक मंदिर है। — गलत (यह एक पुल है)

लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Questions)

प्रश्न 1: लेखक ने तेजपुर जाने की योजना क्यों बनाई?

उत्तरः तेजपुर असम का एक अत्यंत प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगर है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मंदिरों, उद्यानों और पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। लेखक ने अपने मित्रों और परिवार के साथ इस ऐतिहासिक नगर को निकट से देखने, वहाँ की संस्कृति को जानने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए तेजपुर जाने की योजना बनाई।

प्रश्न 2: अग्निगढ़ से जुड़ी पौराणिक कथा संक्षेप में लिखो।

उत्तरः पौराणिक कथा के अनुसार शोणितपुर (तेजपुर) के राजा बाणासुर की पुत्री ऊषा ने स्वप्न में श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध को देखा और उनसे प्रेम कर बैठी। उसकी सखी चित्रलेखा ने अनिरुद्ध को द्वारका से उठाकर ऊषा के पास पहुँचा दिया। इस बात का पता चलने पर बाणासुर ने ऊषा को एक ऊँची पहाड़ी पर बंद कर दिया और उसके चारों ओर अग्नि की दीवार बनवा दी ताकि कोई भीतर न आ सके। इसी कारण उस स्थान का नाम अग्निगढ़ पड़ा।

प्रश्न 3: चित्रलेखा उद्यान में क्या-क्या देखने को मिलता है?

उत्तरः चित्रलेखा उद्यान तेजपुर का एक अत्यंत सुंदर और हरा-भरा पार्क है। यहाँ प्राचीन काल की पत्थर की मूर्तियाँ, मंदिर के अवशेष, सुंदर फूलों की क्यारियाँ, छोटी-छोटी कृत्रिम झीलें, नाव-विहार की सुविधा और बच्चों के लिए झूले एवं मनोरंजन के साधन हैं। यह स्थान पर्यटकों के विश्राम और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र है।

प्रश्न 4: महाभैरव मंदिर के बारे में आप क्या जानते हैं?

उत्तरः महाभैरव मंदिर तेजपुर का अत्यंत प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यहाँ का शिवलिंग आकार में बहुत बड़ा है। शिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भव्य मेला लगता है और दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। ऐसा माना जाता है कि बाणासुर भी यहीं भगवान शिव की पूजा किया करता था।

प्रश्न 5: कोलिया भोमोरा सेतु की विशेषता क्या है?

उत्तरः कोलिया भोमोरा सेतु तेजपुर के निकट ब्रह्मपुत्र नदी पर बना हुआ एक लंबा एवं भव्य पुल है। इसका नाम अहोम युग के सेनापति कोलिया भोमोरा फुकन के नाम पर रखा गया है। यह पुल उत्तर असम और दक्षिण असम के बीच यातायात को सुगम बनाता है तथा असम की एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है।

प्रश्न 6: तेजपुर की यात्रा से लेखक के मन में कैसी भावना उत्पन्न हुई?

उत्तरः तेजपुर की यात्रा से लेखक के मन में असम की प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य के प्रति गहरी श्रद्धा एवं गर्व की भावना उत्पन्न हुई। उसे अपने प्रदेश पर अभिमान हुआ और उसके मन में अपनी मातृभूमि के अन्य ऐतिहासिक स्थलों को देखने की उत्सुकता और बढ़ गई।

दीर्घ प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)

प्रश्न 1: ‘चलो, तेजपुर चलें’ पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखो।

उत्तरः ‘चलो, तेजपुर चलें’ एक यात्रा-वृतान्त है, जिसमें लेखक ने तेजपुर भ्रमण का सजीव वर्णन किया है। तेजपुर असम का एक प्राचीन नगर है, जिसे शोणितपुर भी कहा जाता है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बसा है और बाणासुर की राजधानी के रूप में पुराणों में प्रसिद्ध है। लेखक ने अपने मित्रों के साथ वहाँ पहुँचकर सबसे पहले अग्निगढ़ देखा, जहाँ बाणासुर ने अपनी पुत्री ऊषा को अनिरुद्ध से अलग रखने के लिए अग्नि की दीवार खड़ी की थी। फिर उन्होंने चित्रलेखा उद्यान देखा, जहाँ प्राचीन मूर्तियाँ, झील और बच्चों के लिए झूले हैं। इसके बाद महाभैरव मंदिर के दर्शन किए, जो भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है। उन्होंने बामुनी पहाड़, दा-पर्वतीया का प्राचीन तोरण-द्वार और कोलिया भोमोरा सेतु भी देखा। तेजपुर के प्राकृतिक सौंदर्य, मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों ने लेखक का मन मोह लिया। उसके मन में असम की संस्कृति एवं इतिहास के प्रति श्रद्धा और गर्व उत्पन्न हुआ। पाठ का संदेश है कि हमें अपने प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को जानना और उनकी रक्षा करनी चाहिए।

प्रश्न 2: तेजपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का वर्णन करो।

उत्तरः तेजपुर अनेक दर्शनीय स्थलों के लिए प्रसिद्ध है —

  • अग्निगढ़ — एक ऊँची पहाड़ी, जहाँ से ब्रह्मपुत्र का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। यहीं ऊषा-अनिरुद्ध की कथा से जुड़ी पौराणिक स्मृतियाँ हैं।
  • चित्रलेखा उद्यान — सुंदर पार्क, जहाँ प्राचीन मूर्तियाँ, झील और नाव-विहार की सुविधा है।
  • महाभैरव मंदिर — भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, जहाँ शिवरात्रि पर भव्य मेला लगता है।
  • दा-पर्वतीया — छठी शताब्दी के मंदिर का प्रसिद्ध तोरण-द्वार, जो प्राचीन शिल्प-कला का अनुपम नमूना है।
  • बामुनी पहाड़ — यहाँ भी प्राचीन मंदिरों के अवशेष विद्यमान हैं।
  • कोलिया भोमोरा सेतु — ब्रह्मपुत्र पर बना लंबा पुल, जिसका नाम अहोम सेनापति के नाम पर है।
  • नेहरू मैदान एवं हाथी पुखुरी भी तेजपुर के प्रसिद्ध स्थल हैं।

प्रश्न 3: इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तरः इस पाठ से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने प्रदेश और देश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के बारे में अवश्य जानना चाहिए। यात्रा से ज्ञान बढ़ता है, मन प्रसन्न होता है और अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम तथा गर्व की भावना उत्पन्न होती है। हमें अपनी प्राचीन धरोहर की रक्षा करनी चाहिए और उसे आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाना चाहिए। साथ ही, मित्रों और परिवार के साथ की गई यात्रा हमें सहयोग, मेल-जोल और जीवन के सुंदर अनुभव सिखाती है।


व्याकरण (Grammar)

वचन बदलो

एकवचनबहुवचन
नदीनदियाँ
मंदिरमंदिरों
पहाड़ीपहाड़ियाँ
मूर्तिमूर्तियाँ
उद्यानउद्यानों
सहेलीसहेलियाँ

विलोम शब्द

शब्दविलोम
प्राचीननवीन
उत्तरदक्षिण
सुंदरकुरूप
गर्वलज्जा
प्रेमघृणा
आरंभअंत

पर्यायवाची शब्द

शब्दपर्यायवाची
नदीसरिता, तटिनी
पहाड़पर्वत, गिरि
मंदिरदेवालय, देवस्थान
उद्यानबगीचा, वाटिका
यात्रासफर, भ्रमण
सेतुपुल

Summary (English)

Lesson 9 of ASSEB Class 6 Hindi (Elective) Pallav Bhag-1, “चलो, तेजपुर चलें” (Let’s go to Tezpur), is a travelogue describing the author’s visit to Tezpur, an ancient and historic city of Assam on the northern bank of the Brahmaputra. Known anciently as Shonitpur, Tezpur is famed as the capital of King Banasura and as the setting of the legendary love story of Princess Usha and Aniruddha, the grandson of Lord Krishna. The author and his companions first visit Agnigarh, the hill where Banasura is said to have surrounded his daughter with a wall of fire. Next they explore Chitralekha Udyan, a beautiful park named after Usha’s clever friend Chitralekha and dotted with ancient sculptures, lakes and boating. They then visit the ancient Shiva shrine of Mahabhairav Temple, the ruined sixth-century gateway at Da-Parbatia, the sculptures of Bamuni Hills, and the long Kolia Bhomora Setu bridge over the Brahmaputra. The journey leaves the author filled with reverence and pride for Assam’s rich cultural heritage and natural beauty. The lesson teaches students to value their land’s history, protect its monuments, and appreciate the joy of travel with family and friends.

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