यहाँ ASSEB (Assam State Board of Secondary Education) कक्षा 6 के हिंदी (ऐच्छिक/तृतीय भाषा) की पाठ्यपुस्तक पल्लव भाग-1 के पाठ 7 – गाँव की सैर के सभी प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं। यह पाठ एक गद्य रचना है, जिसमें नगर में रहने वाले बच्चे अपने मामा के साथ गर्मी की छुट्टियों में गाँव जाते हैं और वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, खेत-खलिहान, पशु-पक्षी, सीधे-सादे लोग तथा गाँव के जीवन का अनुभव करते हैं। पाठ बच्चों को भारतीय गाँव की खूबसूरती, श्रम का महत्व और प्रकृति-प्रेम का संदेश देता है।
पाठ-परिचय (Summary)
गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होते ही नगर में रहने वाले बच्चे — मोहन, सोहन और उनकी छोटी बहन गीता — अपने मामा जी के साथ गाँव घूमने जाते हैं। शहर की भीड़-भाड़, धुआँ और शोर से दूर गाँव का खुला, हरा-भरा वातावरण देखकर बच्चे बहुत प्रसन्न होते हैं। रास्ते में वे खेत, बाग-बगीचे, तालाब, कुएँ और मिट्टी के साधारण घरों को देखते हैं। मामा जी उन्हें गाँव की चीज़ों के बारे में बताते जाते हैं।
गाँव पहुँचकर बच्चे खेतों में काम करते किसानों, बैलगाड़ी, हल जोतते किसान, चरते हुए गाय-बैल, बकरी और भेड़ों को देखते हैं। तालाब में बत्तखें तैरती हैं, पेड़ों पर तरह-तरह के पक्षी चहचहाते हैं। कोयल की कूक, मोर का नाचना और चिड़ियों का गाना बच्चों के मन को मोह लेता है। शाम को वे गाँव के बच्चों के साथ मिलकर खेलते हैं और रात को खुले आकाश के नीचे चाँद-तारे देखते हैं।
गाँव के लोग भोले-भाले, मेहनती और मिलनसार होते हैं। वे अपने मेहमानों का बहुत प्रेम से स्वागत करते हैं, ताज़ा दूध, दही, मक्खन और घर के बने पकवान खिलाते हैं। बच्चे अनुभव करते हैं कि गाँव का जीवन शहर से अलग है — वहाँ शुद्ध हवा, साफ़ पानी, मीठे फल और शांति है। छुट्टियाँ समाप्त होने पर बच्चे मन-ही-मन यह संकल्प लेकर लौटते हैं कि वे फिर गाँव आएँगे। पाठ का संदेश है कि गाँव हमारे देश की आत्मा है — किसान का परिश्रम, प्रकृति की सुंदरता और सरल जीवन ही सच्चा सुख है।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सैर | घूमना, भ्रमण |
| गाँव | देहात, छोटी बस्ती |
| नगर | शहर |
| छुट्टी | अवकाश |
| मामा | माँ का भाई |
| खेत | फसल उगाने का स्थान |
| खलिहान | फसल काटने और सुखाने की जगह |
| हल | खेत जोतने का यंत्र |
| बैलगाड़ी | बैलों से चलने वाली गाड़ी |
| तालाब | पोखर, छोटा जलाशय |
| कुआँ | पानी निकालने का गहरा गड्ढा |
| बाग़ | फलों-फूलों का बगीचा |
| हरियाली | हरे-भरे पेड़-पौधे |
| शुद्ध | साफ़, स्वच्छ |
| हवा | वायु |
| किसान | खेती करने वाला |
| परिश्रम | मेहनत |
| बत्तख | एक जल-पक्षी |
| कोयल | मीठी आवाज़ वाला पक्षी |
| मोर | राष्ट्रीय पक्षी |
| चहचहाना | पक्षियों का बोलना |
| भोला-भाला | सीधा-सादा |
| मिलनसार | सबसे प्रेम से मिलने वाला |
| स्वागत | आदर-सत्कार |
| पकवान | स्वादिष्ट भोजन |
| संकल्प | दृढ़ निश्चय |
| आत्मा | प्राण, मूल तत्त्व |
| सरल | सीधा, आसान |
| शांति | चैन, सुकून |
| प्रकृति | नेचर, पेड़-पहाड़-नदी आदि |
अभ्यास (Question Answers)
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न 1: बच्चे किसके साथ गाँव गए?
(क) पिताजी के साथ (ख) मामा जी के साथ (ग) चाचा के साथ (घ) दादा के साथ
उत्तरः (ख) मामा जी के साथ।
प्रश्न 2: बच्चे गाँव कब गए?
(क) सर्दी की छुट्टियों में (ख) दशहरे में (ग) गर्मी की छुट्टियों में (घ) दीवाली में
उत्तरः (ग) गर्मी की छुट्टियों में।
प्रश्न 3: गाँव की हवा कैसी होती है?
(क) धुएँ वाली (ख) गंदी (ग) शुद्ध और ताज़ी (घ) गर्म
उत्तरः (ग) शुद्ध और ताज़ी।
प्रश्न 4: किसान खेत किससे जोतता है?
(क) ट्रैक्टर से (ख) हल से (ग) कुदाल से (घ) हाथ से
उत्तरः (ख) हल से। (पाठ के अनुसार बैलों द्वारा खींचे जाने वाले हल से)
प्रश्न 5: तालाब में कौन तैर रही थीं?
(क) मछलियाँ (ख) बत्तखें (ग) मेंढक (घ) कछुए
उत्तरः (ख) बत्तखें।
प्रश्न 6: गाँव के लोग कैसे होते हैं?
(क) चालाक और स्वार्थी (ख) भोले-भाले और मिलनसार (ग) झगड़ालू (घ) आलसी
उत्तरः (ख) भोले-भाले और मिलनसार।
प्रश्न 7: गाँव हमारे देश का क्या है?
(क) बोझ (ख) आत्मा (ग) कमज़ोरी (घ) समस्या
उत्तरः (ख) आत्मा।
अति लघु प्रश्नोत्तर (Very Short Answers)
प्रश्न 1: बच्चे कहाँ रहते थे?
उत्तरः बच्चे नगर (शहर) में रहते थे।
प्रश्न 2: बच्चे गाँव क्यों गए?
उत्तरः बच्चे गर्मी की छुट्टियाँ बिताने के लिए गाँव गए।
प्रश्न 3: बच्चों को गाँव कौन ले गया?
उत्तरः बच्चों को उनके मामा जी गाँव ले गए।
प्रश्न 4: गाँव में किसानों को क्या करते देखा?
उत्तरः गाँव में बच्चों ने किसानों को खेत में हल जोतते, फसल काटते और मेहनत करते देखा।
प्रश्न 5: तालाब में क्या-क्या दिखाई दिया?
उत्तरः तालाब में बत्तखें तैरती हुई और मछलियाँ इधर-उधर चलती हुई दिखाई दीं।
प्रश्न 6: गाँव में कौन-कौन से पक्षी देखे?
उत्तरः गाँव में बच्चों ने कोयल, मोर, तोता, चिड़ियाँ, कौवा और बत्तख आदि अनेक पक्षी देखे।
प्रश्न 7: गाँव वाले बच्चों को क्या-क्या खिलाते थे?
उत्तरः गाँव वाले बच्चों को ताज़ा दूध, दही, मक्खन, घी और घर के बने स्वादिष्ट पकवान खिलाते थे।
प्रश्न 8: रात को बच्चे क्या देखते थे?
उत्तरः रात को बच्चे खुले आकाश के नीचे चाँद, तारे और टिमटिमाती जुगनुओं को देखते थे।
रिक्त स्थान भरो
- बच्चे गर्मी की छुट्टियों में गाँव गए।
- बच्चों को गाँव मामा जी ले गए।
- गाँव की हवा शुद्ध और ताज़ी होती है।
- किसान हल से खेत जोतता है।
- तालाब में बत्तखें तैर रही थीं।
- गाँव हमारे देश की आत्मा है।
- गाँव के लोग भोले-भाले और मेहनती होते हैं।
सही या ग़लत बताओ
| वाक्य | सही / ग़लत |
|---|---|
| बच्चे सर्दी की छुट्टियों में गाँव गए। | ग़लत |
| गाँव की हवा बहुत शुद्ध होती है। | सही |
| तालाब में बत्तखें तैर रही थीं। | सही |
| गाँव के लोग झगड़ालू होते हैं। | ग़लत |
| किसान हल से खेत जोतते हैं। | सही |
| शहर का जीवन गाँव से अधिक शांत है। | ग़लत |
लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Questions)
प्रश्न 1: गाँव और शहर में क्या अंतर है?
उत्तरः शहर में चारों ओर भीड़, शोर, धुआँ और ऊँचे-ऊँचे मकान होते हैं, जबकि गाँव में खुले खेत, हरियाली, तालाब, बाग़ और मिट्टी के साधारण घर होते हैं। शहर की हवा प्रदूषित होती है, परंतु गाँव की हवा शुद्ध और ताज़ी होती है। गाँव में लोग सीधे-सादे और मिलनसार होते हैं, जबकि शहर के लोग प्रायः अपने काम में व्यस्त रहते हैं।
प्रश्न 2: रास्ते में बच्चों ने क्या-क्या देखा?
उत्तरः रास्ते में बच्चों ने हरे-भरे खेत, फलों से भरे बाग़, बहती नदियाँ, साफ़ तालाब, कुएँ, बैलगाड़ियाँ, चरती हुई गाय-बैल और मिट्टी के सुंदर घर देखे। मामा जी उन्हें हर वस्तु के बारे में बताते जा रहे थे।
प्रश्न 3: गाँव के किसान क्या-क्या काम करते हैं?
उत्तरः गाँव के किसान बहुत मेहनती होते हैं। वे सुबह जल्दी उठकर खेतों में जाते हैं, बैलों से हल जोतते हैं, बीज बोते हैं, फसल को पानी देते हैं, खर-पतवार निकालते हैं और समय आने पर फसल काटकर खलिहान में लाते हैं। वे ही पूरे देश के लिए अनाज पैदा करते हैं।
प्रश्न 4: गाँव वालों ने मेहमानों का स्वागत कैसे किया?
उत्तरः गाँव वाले बहुत प्रेम और आदर से मेहमानों का स्वागत करते हैं। उन्होंने बच्चों और मामा जी को बैठने के लिए आसन दिया, ताज़ा दूध, दही, मक्खन और घर के बने पकवान खिलाए, मीठे फल और गन्ने का रस पिलाया। उनका प्रेम देखकर बच्चे बहुत प्रसन्न हुए।
प्रश्न 5: बच्चों को गाँव की कौन-कौन सी बातें अच्छी लगीं?
उत्तरः बच्चों को गाँव की हरियाली, खुले खेत, स्वच्छ हवा, चहचहाते पक्षी, कोयल की कूक, मोर का नाचना, तालाब की बत्तखें, खुले आकाश के तारे और गाँव वालों का प्रेमपूर्ण व्यवहार बहुत अच्छा लगा। यहाँ तक कि सादा भोजन भी उन्हें शहर के पकवानों से अधिक स्वादिष्ट लगा।
प्रश्न 6: छुट्टियाँ समाप्त होने पर बच्चों ने क्या निश्चय किया?
उत्तरः छुट्टियाँ समाप्त होने पर बच्चों का गाँव छोड़ने को मन नहीं हो रहा था। उन्होंने मन-ही-मन निश्चय किया कि वे हर साल छुट्टियों में गाँव अवश्य आएँगे और गाँव के जीवन का आनंद लेंगे। उन्होंने यह भी सोचा कि वे किसानों के परिश्रम का सदा सम्मान करेंगे।
दीर्घ प्रश्नोत्तर (Long Answer Questions)
प्रश्न 1: ‘गाँव की सैर’ पाठ का सारांश अपने शब्दों में लिखो।
उत्तरः गर्मी की छुट्टियों में नगर के बच्चे अपने मामा जी के साथ गाँव गए। रास्ते में उन्होंने हरे-भरे खेत, बाग़-बगीचे, तालाब और बैलगाड़ियाँ देखीं। गाँव पहुँचकर बच्चे वहाँ की प्राकृतिक सुंदरता पर मोहित हो गए। उन्होंने किसानों को हल जोतते, फसल काटते देखा। तालाब में बत्तखें तैर रही थीं, पेड़ों पर तरह-तरह के पक्षी चहचहा रहे थे। शाम को बच्चे गाँव के बच्चों के साथ खेले और रात को खुले आकाश में चाँद-तारे देखे। गाँव वालों ने उन्हें ताज़ा दूध, दही, मक्खन और घर के पकवान खिलाए। बच्चों ने अनुभव किया कि गाँव का जीवन शहर से अधिक सुंदर, शांत और स्वस्थ है। छुट्टियाँ समाप्त होने पर वे यह संकल्प लेकर लौटे कि वे फिर गाँव आएँगे। पाठ हमें यह सिखाता है कि गाँव हमारे देश की आत्मा है और किसानों का परिश्रम ही पूरे राष्ट्र का आधार है।
प्रश्न 2: गाँव की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में करो।
उत्तरः गाँव की प्राकृतिक सुंदरता मन को मोह लेने वाली होती है। चारों ओर हरे-भरे खेत लहलहाते हैं, जिनमें धान, गेहूँ, सरसों और गन्ने की फसलें झूमती हैं। आम, अमरूद, जामुन और कटहल के पेड़ फलों से लदे रहते हैं। तालाब का साफ़ पानी सूर्य की किरणों में चमकता है, जिसमें बत्तखें और मछलियाँ खेलती हैं। पेड़ों पर कोयल मीठी कूक बोलती है, मोर पंख फैलाकर नाचता है और चिड़ियाँ चहचहाती हैं। सुबह की शुद्ध हवा, संध्या का सुनहरा सूरज और रात का तारों भरा आकाश गाँव को स्वर्ग के समान बना देते हैं। यहाँ की हर वस्तु प्रकृति के निकट है।
प्रश्न 3: इस पाठ से हमें क्या-क्या शिक्षा मिलती है?
- गाँव हमारे देश की आत्मा है — भारत की असली पहचान गाँवों में बसती है।
- किसानों के परिश्रम का सम्मान करना चाहिए — वे ही हमारे लिए अनाज पैदा करते हैं।
- प्रकृति से प्रेम करना चाहिए — पेड़, पक्षी, नदी और खेत जीवन का आधार हैं।
- सरल जीवन ही सच्चा सुख है — गाँव की सादगी, शुद्ध हवा और शांति शहर से बेहतर है।
- मिल-जुलकर रहना सीखें — गाँव वालों की तरह सबको प्रेम और सम्मान देना चाहिए।
- शुद्ध भोजन और साफ़ वातावरण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।
प्रश्न 4: यदि तुम्हें गाँव जाने का अवसर मिले, तो तुम क्या-क्या देखना और करना चाहोगे?
उत्तरः यदि मुझे गाँव जाने का अवसर मिले, तो मैं सबसे पहले हरे-भरे खेतों में घूमना चाहूँगा और किसानों को हल जोतते, फसल काटते देखूँगा। मैं तालाब के किनारे बैठकर बत्तखों और मछलियों को देखूँगा तथा बैलगाड़ी की सवारी करूँगा। आम और जामुन के पेड़ों पर चढ़कर ताज़े फल खाऊँगा। शाम को गाँव के बच्चों के साथ कबड्डी, गिल्ली-डंडा खेलूँगा। रात को खुले आँगन में खाट पर लेटकर तारे गिनूँगा और बड़ों से लोक-कथाएँ सुनूँगा। मैं किसानों की कुछ देर सहायता भी करूँगा, ताकि उनकी मेहनत को निकट से समझ सकूँ। गाँव की यह यात्रा मेरे लिए जीवन भर का अनुभव होगी।
व्याकरण (Grammar)
वचन बदलो
| एकवचन | बहुवचन |
|---|---|
| बच्चा | बच्चे |
| खेत | खेतों |
| पेड़ | पेड़ों |
| चिड़िया | चिड़ियाँ |
| बत्तख | बत्तखें |
| तालाब | तालाबों |
| किसान | किसानों |
| घर | घरों |
विलोम शब्द
| शब्द | विलोम |
|---|---|
| गाँव | नगर/शहर |
| शुद्ध | अशुद्ध |
| दिन | रात |
| सुख | दुख |
| प्रेम | घृणा |
| सरल | कठिन |
| परिश्रम | आलस्य |
| शांति | अशांति |
पर्यायवाची शब्द
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| गाँव | देहात, ग्राम |
| नगर | शहर, पुर |
| हवा | वायु, पवन |
| पक्षी | खग, चिड़िया |
| सूर्य | रवि, भास्कर, दिनकर |
| पानी | जल, नीर, सलिल |
| पेड़ | वृक्ष, तरु |
शुद्ध वाक्य बनाओ — दिए गए शब्दों से
- गाँव — गाँव का जीवन बहुत शांत होता है।
- किसान — किसान दिन-रात मेहनत करता है।
- बैलगाड़ी — हम बैलगाड़ी पर बैठकर खेत गए।
- कोयल — कोयल आम के पेड़ पर मीठा गाती है।
- तालाब — तालाब में बत्तखें तैर रही हैं।
- मामा जी — मामा जी हमें गाँव ले गए।
Summary (English)
Lesson 7 of ASSEB Class 6 Hindi (Elective) Pallav Bhag-1, “गाँव की सैर” (A Trip to the Village), is a prose piece in which city children — Mohan, Sohan and their little sister Geeta — visit a village with their maternal uncle (Mama ji) during the summer holidays. As they travel, they see green fields, orchards, ponds, wells and simple mud houses. In the village they watch farmers ploughing with bullocks, cattle grazing, ducks swimming in the pond, peacocks dancing and koels singing on the trees. The villagers welcome the guests warmly with fresh milk, curd, butter and home-made delicacies. In the evenings the children play with village children, and at night they lie under the open sky watching the moon and stars. They realise that village life — with its pure air, clean water, simple food and friendly people — is far more peaceful and healthy than city life. When the holidays end, the children resolve to return to the village every year. The lesson teaches that the village is the soul of our country, and that the hard work of farmers, the beauty of nature and the simplicity of rural life are the true sources of happiness.